मुंबई : सत्तारूढ़ पार्टी के घटक दल शिवसेना ने महाराष्ट्र सरकार की निंदा करते हुए को कहा कि एक ओर जहां राज्य प्रशासन अल्कोहल से होने वाले बुरे प्रभाव के प्रति जागरुक करा रही है वहीं सरकार के मंत्रीमंडल का दूसरा सदस्य महिलाओं से संबंधित लुभावने नाम ब्रांड के लिए सुझा रहे हैं ताकि अल्कोहल की ब्रिक्री में बढ़त हो।
सेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा, ‘यह काफी अजीब है कि महाराष्ट्र सरकार शराब के कुप्रभावों के प्रति जनता को जागरुक करने के लिए एक ओर इवेंट्स का आयोजन कर रही है, इसके लिए कानूनों में बदलाव ला रही है और उसी सरकार का एक मंत्री शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए सुझाव और सलाह दे रहा है।‘
शिवसेना ने कहा कि राज्य में महिलाएं जहां शराब की बिक्री का विरोध कर रही हैं वहीं मंत्री ने चौंकाने वाली ऐसी टिप्पणी करते हैं। शनिवार को उत्तर महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में चीनी मिल द्वारा आयोजित एक इवेंट में सीनियर भाजपा नेता और राज्य मंत्री गिरीश महाजन ने शराब की बिक्री को बढ़ाने के लिए इसके ब्रांडों के नाम महिलाओं पर आधारित रखने का सुझाव दिया था। महाजन उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले जामनेर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
हालांकि सोमवार को उन्होंने अपने इस बयान के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका मकसद महिलाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
सेना ने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने राज्य में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए बधाई दिया। महाजन ने इवेंट में कहा, ‘प्रबंधन के साथ मिल के मामलों पर चर्चा के दौरान मुझे पता चला कि शराब की बिक्री का आंकड़े में तेजी नहीं आ रही है, मैं शराब के कुछ बड़े विक्रेताओं- भिंगरी, बॉबी और जूली कंपनियों में गया वहीं इस मिल के ब्रांड का नाम महाराजा है यह कैसे काम करेगा।‘ उनके भाषण का वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया गया था और अब यह वायरल हो गया है। जिसमें उन्होंने कहा, ‘मैं आपको नाम बदलकर ‘महारानी’ करने का सुझाव देता हूं और फिर देखिए बिक्री कैसे बढ़ती है।‘ महाजन ने मराठी में कहा है कि अगर आप शराब या किसी और चीज की मांग बढ़ाना चाहते हैं तो उसका नाम महिलाओं के नाम पर रखिए और फिर देखिए कि कैसे इनकी मांग बढ़ जाती है।