शेयर मार्केट में उछाल जारी, सेंसेक्स 37000 के पार, निफ्टी 11300 के पार

पिछले पांच सत्रों में सेंसेक्स 840.48 अंक चढ़ा है. 27 जुलाई को सेंसेक्स 352 अंक उछलकर पहली बार 37000 के पार पहुंचा था।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): देश के शेयर बाजारों में इस सप्ताह के पहले कारोबारी दिन पिछले सप्ताह की तेजी का असर देखा जा रहा है। दोनों ही प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। सुबह 9.17 बजे सेंसेक्स 71 अंक ऊपर 37,408 और निफ्टी 22 अंक ऊपर 11,300 पर काराबोर कर रहा था। आज सुबह 9.25 के करीब सेंसेक्स ने 37496 की ऐतिहासिक ऊंचाई छुई है। वहीं निफ्टी ने भी 11309 की सर्वकालिक ऊंचाई को छुआ था। इसके बाद 9.50 बजे के करीब सेंसेक्स ने 37,352 का नया कीर्तिमान बनाया था। सुबह करीब 2 घंटे के कारोबार के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने तेजी गंवा दी। दोपहर बाद एक बार फिर बाजार में तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स ने 37511 का नया कीर्तिमान बनाया।वहीं निफ्टी ने आज 11318 का नया उच्च आंकड़ा छुआ। देश के शेयर बाजार सोमवार को मजबूती के साथ खुले। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9।28 बजे 66.05 अंकों की मजबूती के साथ 37,402.90 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 21.60 अंकों की बढ़त के साथ 11,299.95 पर कारोबार करते देखे गए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 154.54 अंकों की मजबूती के साथ 37,491.39 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.3 अंकों की बढ़त के साथ 11,296.65 पर खुला। बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार के संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जीतने से बीते सप्ताह घरेलू बाजारों में मजबूती दर्ज की गई थी। इसके साथ ही 88 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की दर में कमी का भी सकारात्मक असर रहा। साथ ही प्रमुख कंपनियों के उम्मीद से बेहतर जून तिमाही के नतीजों ने भी निवेशकों का आत्मविश्वास लौटाया है। साप्ताहिक आधार पर, सेंसेक्स 840.48 अंकों या 2.30 फीसदी की तेजी के साथ 37,336.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 268.15 अंकों या 2.44 फीसदी की तेजी के साथ 11,278.35 पर बंद हुआ था। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 716.16 अंकों या 4.71 फीसदी की तेजी के साथ 15,912.62 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 728.77 अंकों या 4.64 फीसदी की तेजी के साथ 16,450.20 पर बंद हुआ था। सोमवार को शेयर बाजार की सकारात्मक शुरुआत हुई था। सेंसेक्स 222.23 अंकों या 0.61 फीसदी की तेजी के साथ 36,718.60 पर तथा निफ्टी 74.55 अंकों या 0.68 फीसदी की तेजी के साथ 11,084.75 पर बंद हुआ था। मंगलवार को सीमेंट और वाहन शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिसके असर से सेंसेक्स 106.50 अंकों या 0.29 फीसदी की तेजी के साथ 36,825.10 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 49.55 अंकों या 0.45 फीसदी की तेजी के साथ 11,134.30 पर बंद हुआ था। बुधवार को सेंसेक्स में मामूली तेजी और निफ्टी में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 33.12 अंकों या 0.09 फीसदी की तेजी के साथ 36,858.23 पर बंद हुआ और निफ्टी 2.30 अंकों या 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 11,132 पर बंद हुआ था। गुरुवार को शेयर बाजार में तेजी लौटी और सेंसेक्स 126.41 अंकों या 0.34 फीसदी की तेजी के साथ 36,984.64 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 35.30 अंकों या 0.32 फीसदी की तेजी के साथ 11,167.30 पर बंद हुआ था। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बाजार में अच्छी मजबूती दर्ज की गई और सेंसेक्स 352.21 अंकों या 0.95 फीसदी की तेजी के साथ 37,336.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 111.05 अंकों 0.99 फीसदी की तेजी के साथ 11,278.35 पर बंद हुआ था। बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे – आईटीसी (10.51 फीसदी), टाटा मोटर्स (5.64 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (10.26 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (0.54 फीसदी), लार्सन एंड टूब्रो (3.31 फीसदी), एशियन पेंट्स (2.60 फीसदी), भारती एयरटेल (4.76 फीसदी) और अडानी पोर्ट्स (6.58 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे – मारुति सुजुकी इंडिया (0.76 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (5.32 फीसदी), बजाज ऑटो (5.74 फीसदी), यस बैंक (4.33 फीसदी) और विप्रो (3.02 फीसदी)। राजनीति के मोर्चे पर, निचले सदन में 12 घंटे तक चली बहस के बाद शुक्रवार (20 जुलाई) को नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव जीत लिया। सदन के 451 सदस्यों में, 126 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 325 वोट इसके खिलाफ दिए गए। अविश्वास प्रस्ताव तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) द्वारा लाया गया था और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इसका समर्थन किया था। इस बीच, शनिवार (21 जुलाई) जीएसटी परिषद की 28 वीं बैठक में 88 सामानों और सेवाओं पर कर दरों में कमी की घोषणा की गई। संशोधित कर दरें 27 जुलाई (शुक्रवार) से लागू हो गई है। आर्थिक मोर्चे पर, ब्रिक्स देशों को किए जानेवाले निर्यात में वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। विदेशी मोर्चे पर, अमेरिका में वस्तुओं का व्यापार घाटा जून में 5.5 फीसदी या 3.6 अरब डॉलर ढ़कर 68.3 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने गुरुवार (26 जुलाई) को यह जानकारी दी। यूरोप में, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है।

Comments (0)
Add Comment