सालों से सेना का खून गर्म हो रहा था – प्रधनमंत्री मोदी

मोदी ने मेट्रो के विस्तार का भी उद्घाटन किया। साथ ही बुलंदशहर में खुर्जा के नजदीक स्थापित होने वाले थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला रखी।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचे। एयर स्ट्राइक पर मोदी ने कहा कि कई साल तक सेना का खून गर्म होता रहा, लेकिन पिछली सरकारों ने नीति बदलने की बजाय सिर्फ गृहमंत्री बदले। यह भी कहा कि आप यहां मोदी-मोदी के नारे लगा रहे हैं और वहां कुछ लोगों (विपक्ष) की नींद हराम हो रही है। मोदी ने ग्रेटर नोएडा में दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान का उद्घाटन किया। संस्थान परिसर में पं. दीनदयाल की मूर्ति का भी अनावरण किया। मोदी ने मेट्रो के विस्तार का भी उद्घाटन किया। साथ ही बुलंदशहर में खुर्जा के नजदीक स्थापित होने वाले थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला रखी। बिहार के बक्सर में स्थापित होने वाले 1320 मेगावॉट क्षमता के थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया।मोदी ने कहा कि अब मजा देखिए हम तो साहब यह (एयर स्ट्राइक) कर के चुप थे। देश को क्यों जगाना भाई। लेकिन यह घटना इतनी बड़ी थी कि रात 3:30 बजे पाक की नींद खत्म हो गई। हम तो चुप थे हम सोच रहे थे क्या होता है देखते हैं कि सुबह पांच बजे उसने ट्वीट कर कहना शुरू कर दिया- मोदी ने मारा, मोदी ने मारा। सर्जिकल स्ट्राइक हुआ था तब हमने देश को खबर की थी, लेकिन इस बार वही रोने लगे। “वे (पाक) पहले समझते थे कि भारत के साथ प्रॉक्सी वॉर करते जाओ। उसे घाव दिए जाओ। पिछली सरकार के रवैये के चलते उनकी हिम्मत पड़ जाती थी। 26/11 हमले में भी ऐसा हो सकता था। लेकिन इसके (कार्रवाई) लिए दम चाहिए दोस्तो। 26/11 में भी आतंकियों के खिलाफ सारे सबूत मौजूद थे। लेकिन उन्होंने क्या किया।

खबरें यह थी कि सेना, वायुसेना, नौसेना बदला लेना चाह रही था, लेकिन उधर से कुछ नहीं हुआ। सेना का खून गर्म हो रहा था, लेकिन नई दिल्ली (सरकार) ठंडे बिस्तर पर पड़ा था। इसी वजह से 2008 के बाद भी आतंकी घटनाएं होती रहीं। इन हमलों के तार भी सीमापार से जुड़े हुए थे। लेकिन पिछली सरकारों ने अपनी नीति नहीं सिर्फ गृहमंत्री बदले।”मोदी ने कहा- आज हमने वन नेशन-वन ग्रिड का सपना पूरा किया है। मैं न तो छोटे सपने देखता हूं और न ही छोटे काम करता हूं। हमारा सपना वन वर्ल्ड, वन सन, वन ग्रिड का है। कभी न कभी यह साकार होने वाला है। 1950 से लेकर 2014 तक करीब-करीब 65 सालों में लगभग 2.5 लाख मेगावाट की क्षमता विकसित की गई। बीते 5 सालों में हमने 1 लाख मेगावाट से अधिक कैपेसिटी तैयार की है। अब आप सोचिए, पुराने थके हुए लोगों से देश चलता तो कहां गया होता। कितने दशक बीत जाते, लेकिन नया भारत नई रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।”बरसों तक पावर सेक्टर की उपेक्षा किए जाने से पावर डिस्ट्रीब्यूशन बेकार हो गया। जितनी बिजली पैदा हो रही थी उतनी लोगों को मिल नहीं रही थी। अब देश में यह स्थिति सुधर रही है। हमारी सरकार ने देश के हर गांव में बिजली पहुंचाने के लिए लक्ष्य को पूरा किया है। अब तक जो 2.5 करोड़ परिवार अंधेरे में जी रहे थे, उनके घर में हमने उजाला पहुंचाया।” मोदी ने कहा कि हमने पावर के लिए आधुनिक तरीके भी अपनाए। यह लोगों का बिजली बिल बचाते हैं। सरकार के प्रयास की वजह से एलईडी बल्ब जो फरवरी 2014 में तीन-साढ़े तीन सौ रुपए मिलता था। मेरे आने के बाद 40 रुपए हो गया। ऐसा इसलिए क्योंकि तब हर जगह बिचौलिए बैठे थे। मोदी ने डंडा चलाया और सभी बिचौलिए खत्म हो गए। दलाल जब मेरे खिलाफ खेल खेलेंगे तो मेरी रक्षा कौन करेगा। यह सवा सौ करोड़ देशवासी करेंगे। अब तक सरकारी और प्राइवेट कंपनियों ने देश में 150 करोड़ बल्ब वितरित किए हैं। देश के नागरिकों की जेब में हर साल 50 हजार करोड़ रुपए बच रहा है।

 

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