(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : सुरक्षा बलों ने शनिवार को श्रीनगर के बाहरी इलाके में हुई मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया। इस दौरान सीआरपीएफ के एक असिस्टेंट कमांडेंट लंबोचा सिंह सहित चार जवान घायल भी हो गए। मारे गए आतंकियों में से दो पाकिस्तानी और एक स्थानीय था। पुलिस के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ये आतंकी 7 मई से पहले बड़े हमले की फिराक में थे। शीतकालीन राजधानी जम्मू से दरबार शिफ्ट होने के बाद श्रीनगर में सरकारी दफ्तर इसी दिन खुलने हैं।इसी बीच, मुठभेड़ स्थल से थोड़ी दूर सफा कदल में सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत के बाद श्रीनगर में तनाव फैल गया। सुरक्षा बलों को इसका जिम्मेदार बताकर स्थानीय लोगों ने कई जगह पत्थरबाजी की। पुराने इलाके तथा सिविल लाइंस में कई जगह भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान ज्यादातर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हालात बिगड़ने से बचाने के लिए श्रीनगर जिले में इंटरनेट सेवाएं भी बंद करनी पड़ीं। शेष | जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजी स्वयं प्रकाश पानी ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर शनिवार तड़के पांच बजे पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप और सीआरपीएफ ने चट्टाबल इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत को घेरा था। बिना किसी बड़े नुकसान के ऑपरेशन चार घंटे में पूरा हुआ। आतंकियों के पास से तीन एके राइफल, बड़ी मात्रा में असलहा, पांच मैगजीन आैर मेडिकल किट बरामद हुईं। मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान फैय्याज अहमद के रूप में हुई है। वह एक साल से इस इलाके में एक्टिव था। वह पत्थरबाजी की कई घटनाओं में भी शामिल रहा है।बांदीपोरा में आतंकियों ने दो और नागरिकों की हत्या की: कश्मीर के बांदीपोरा जिले में शनिवार तड़के लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने दो नागरिकों की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार शुक्रवार देर रात आतंकियों का एक गुट बांदीपोरा में शाहगुड हाजिन के गुलशन मोहल्ला के गुलाम हसन डार (45) उर्फ हस्सा रस्सा और उसके 26 वर्षीय भतीजे बसीर अहमद के घर में घुसा। आतंकियों ने परिवार के लोगों को बंधक बना लिया। तड़के साढ़े तीन बजे दोनों को गोली मार दी गई। एक दिन पहले भी आतंकियों ने बारामूला में एक शख्स की हत्या कर दी थी। हमले में उसकी प|ी गंभीर रूप से घायल हो गई थी।युवक की कुचलकर मौत होने के बाद भीड़ ने सेना पर पथराव किया। मुठभेड़ के दौरान ही चट्टाबल थोड़ी दूर सफा कदल में आदिल अहमद यादू नाम के शख्स को एक वाहन ने कुचल दिया। स्थानीय लोगों ने पहले आरोप लगाया कि उसे सुरक्षा बलों की गोली लगी है। हालांकि, मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उसे गोली नहीं लगी है। फिर यह दावा सामने आया कि प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प के दौरान सीआरपीएफ की गाड़ी ने उसे कुचल दिया। हालांकि, सीआरपीएफ प्रवक्ता राकेश यादव ने कहा कि उस इलाके में सीआरपीएफ की कोई गाड़ी नहीं थी।