सूबे के 9700 टॉपर्स को लैपटॉप बांटेगी जयराम सरकार, 18 करोड़ का बजट जारी

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : शिमला। साल 2018 में स्कूल शिक्षा बोर्ड के दसवीं और इंटरमीडिएट के टॉपरों को करीब एक साल के इंतजार के बाद लैपटॉप मिलने जा रहे हैं। सरकार को एक साल बाद इसकी याद आई है। योजना को जारी रखने या बंद करने को लेकर दुुविधा में चल रही भाजपा सरकार ने करीब नौ महीने बाद मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने को हरी झंडी दे दी है। दस हजार की जगह दसवीं-जमा दो कक्षा के 8800 विद्यार्थियों को ही लैपटॉप दिए जाएंगे। सरकार ने पुरानी योजना में ही अपने बजट में कॉलेज विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की घोषणा को शामिल कर दिया है। इस कारण स्कूली विद्यार्थियों की संख्या कम कर दी गई है। सरकार ने कॉलेजों के 900 मेधावियों को लैपटॉप देने का निर्णय लिया है। ऐसे में साल 2018 के कोटे में कुल 9700 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए 18 करोड़ का बजट जारी कर दिया है। प्रदेश में सत्ता बदलते ही दस हजार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना जारी रखने को लेकर साल भर संशय बना रहा। शिक्षा निदेशालय ने सरकार को पत्र लिखकर इस बाबत कई बार स्पष्टीकरण मांगा। पूछा गया कि क्या स्कूल शिक्षा बोर्ड के मेरिट में शुमार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने हैं या नहीं। लेकिन सरकार की ओर से साल 2018 में इस बाबत कोई जवाब नहीं दिया गया। करीब नौ माह बाद आखिरकार अब सरकार ने लैपटॉप देने का फैसला लिया है। दिसंबर 2017 में नई सरकार ने जनवरी 2018 में मेधावियों को दिए जा रहे लैपटॉप के वितरण पर रोक लगा दी थी। लैपटॉप के ऑन होते ही सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोटो आती थी। इस फोटो को हटाकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की फोटो लगाने के लिए विभाग ने वितरण रोका था। करीब दो सप्ताह के बाद विभाग ने आईटी विशेषज्ञों की मदद लेकर फोटो में बदलाव कर लैपटॉप वितरित किए थे। विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार इस योजना का नाम बदलने पर भी विचार कर रही है। कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान स्कूल शिक्षा बोर्ड के मेरिट में शामिल दस हजार विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए राजीव गांधी लैपटॉप योजना शुरू की थी। योजना में दसवीं और जमा दो के पांच-पांच हजार मेधावी विद्यार्थियों को हर साल लैपटॉप दिए गए।

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