(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी पर अगले पांच साल में 500 करोड़ रुपये खर्च करेगा। हाल ही में सेबी चेयरमैन अजय त्यागी ने यह जानकारी दी है। इस बयान में अजय त्यागी ने कहा, ‘‘सेबी न सिर्फ प्रतिभूति बाजार में तकनीकी नवोन्मेष को बढ़ावा देता है, बल्कि यह अपनी कार्यप्रणाली में भी नियमित तौर पर तकनीक को उन्नत करता रहता है। सेबी की योजना अगले पांच साल में आईटी पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने की है।’’ न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक खबर के मुताबिक इस दौरान सेबी का जोर निजी क्लाउड सर्विस पर होगा। क्लाउड कंप्यूटिंग या सर्विस के तहत तमाम कंप्यूटर आधारित सेवाएं जैसे वेब होस्टिंग और डेटा स्टोरेज आदि मुहैया किए जाते हैं। क्लाउड सर्विस का बाजार सालाना 23 फीसदी की दर से बढ़ रहा है और अगले पांच साल में इसका आकार 5।6 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। हाल ही में ग्लोबल रिसर्च एंड एडवाइजरी फर्म गार्टनर इंक ने बताया है कि वैश्विक स्तर पर पब्लिक क्लाउड सर्विसेज का राजस्व 2020 में 17 फीसदी बढ़कर 266.4 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। इससे पिछले कैलेंडर साल में यह 227.8 अरब डॉलर रहा था। क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस प्रोवाइड कराने वाली Blazeclan टेक्नोलॉजीज के डायरेक्टर दीपक कागलीवाल के मुताबिक क्लाउड कंप्यूटिंग से भारत के डिजिटल-आईटी जगत में बड़ा बदलाव होने के आसार हैं। बता दें कि 2010 में स्थापित Blazeclan कंपनी दुनिया भर में कंपनियों या अन्य को सर्विसेज प्रोवाइड कर रही है। इसका भारत में मुख्यालय है जबकि आसियान, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में भी मजबूत उपस्थिति है। क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने 10 साल के लिए रिलायंस जियो इंफोकॉम (Jio) के साथ करार किया है। इस करार के मुताबिक जियो पूरे भारत में डेटा सेंटर बनाएगी और माइक्रोसॉफ्ट का क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म एज्योर इन डेटा सेंटर को सपोर्ट करेगा। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार यह अमेजॉन-गूगल जैसी पहले से क्लाउड सर्विस दे रही कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।