नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 35वीं बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश को सम्बोधित किया। हाल ही में सीबीआई की विशेष अदीलत द्वारा गुरमीत राम रहीम को दोषी मानने के बाद हरियाणा में भड़की हिंसा और करीब पांच राज्यों में पैदा हुए तनाव के बारे में भी पीएम ने कहा कि आस्था के नाम पर कानून को हाथ में लेने की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यह रहीं ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कही गईं कुछ मुख्य बातें,
- आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी। कानून हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है। संविधान में सबको न्याय पाने के लिए पर्याप्त अधिकार दिए हैं।
- हमारा देश विविधताओं से भरा है और ये विविधताएं खान-पान, रहन-सहन और पहनावे तक सीमित नहीं हैं। जीवन के प्रत्येक व्यवहार में हमें विविधताएं नजर आती हैं। त्योहार भी विविधताओं से भरे हुए हैं।
- हमारे सारे त्योहार प्रकृति के समय पत्रक के अनुसार चलते हैं। इनका प्रकृति से सीधा संबंध है। बहुत सारे त्योहार तो सीधे-सीधे किसान या मछुआरों से जुड़े हुए होते हैं।
- त्योहार हमारे लिए आस्था और विश्वास के प्रतीक तो हैं ही, पारिवारिक जीवन में भी त्योहार और स्वच्छता परस्पर जुड़े हुए हैं। हमें नए भारत में त्योहारों को स्वच्छता का भी प्रतीक बनाना है। त्योहार की तैयारी का मतलब है, साफ-सफाई। ये हमारे लिए कोई नई चीज नहीं है।
- आप सभी से आह्वान करता हूं कि एक बार फिर 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से 15-20 दिन पहले स्वच्छता ही सेवा की एक मुहिम चलाएं। पूरे देश में स्वच्छता के लिए माहौल बनाएं।