हाफिज ने आतंकी लिस्ट से नाम हटवाने के लिए UN में दायर की पिटीशन

हाफिज सईद आतंकियों की लिस्ट से अपना नाम हटवाना चाहता है। इसके लिए उसने यूनाइटेड नेशन्स (UN) में बाकायदा पिटीशन दायर की है। बीते हफ्ते ही हाफिज को पाकिस्तान की कोर्ट ने 10 महीने की नजरबंदी के बाद रिहा करने का ऑर्डर दिया था। रिहा होने के बाद सईद ने कहा था कि भारत उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। कश्मीर को जल्द आजाद करा लिया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाहौर की लॉ फर्म मिर्जा एंड मिर्जा ने सईद की तरफ से यूएन में पिटीशन दायर की है। ये एप्लिकेशन तभी दायर की गई थी, जब वह नजरबंद था।
– पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो में पूर्व प्रॉसिक्यूटर जनरल नवीद रसूल मिर्जा ने हाफिज सईद के यूएन में पिटीशन लगाने की बात को कन्फर्म भी किया है। नवीद का बेटा हैदर रसूल मिर्जा ही यूएन में हाफिज का वकील है।

हम हाफिज मोहम्मद सईद की तरफ से पिटीशन दायर कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि हाफिज का नाम संगठन ISIL (Da’esh) और अल कायदा से जुड़े धड़ों की लिस्ट से हटा दिया जाए। ये लिस्ट यूएन सिक्युरिटी काउंसिल और अल कायदा सैंक्शन्स कमेटी ने तैयार की है.


क्या बोला था सईद?
फैसला आने के बाद हाफिज ने कहा, “भारत की तमाम कोशिशों के बावजूद मुझे रिहा कर दिया गया। 10 महीने तक मुझे इसलिए कैद किया गया था, ताकि कश्मीर को लेकर मेरी आवाज दबाई जा सके।” हाफिज ने रिहाई का जश्न बाकायदा केक काटकर मनाया था।
“मैं कश्मीरियों और कश्मीर की आजादी के लिए लड़ता रहूंगा। कश्मीर के लिए मैं पूरे पाकिस्तान से लोगों को इकट्ठा करता रहूंगा। हमारी कोशिश रहेगी कि कश्मीरी आजादी के अपने मकसद में कामयाब हो सकें।”
मुझे खुशी है कि मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हो सका। लिहाजा, हाईकोर्ट के तीन जजों ने रिहाई का ऑर्डर दे दिया। भारत मुझ पर आधारहीन आरोप लगाता रहा है। कोर्ट का फैसला मेरी बेगुनाही साबित करता है। मुझे अमेरिका के दबाव में नजरबंद किया गया था। इसके लिए भारत सरकार ने अमेरिका से गुहार लगाई थी।



व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सेंडर्स ने कहा था, “अमेरिका लश्कर-ए-तैयबा आतंकी हाफिज सईद को रिहा करने की निंदा करता है। हम चाहते हैं कि उसे दोबारा से अरेस्ट किया जाए और उस पर केस चलाया जाए।”
“पाकिस्तान के हाफिज को रिहा करने से गलत मैसेज गया है। पाक कहता रहा है कि इंटरनेशनल टेररिज्म से लड़ाई को लेकर कमिटेड है और वह अपनी जमीन पर आतंकियों को पनपने नहीं देगा। लेकिन हाफिज की रिहाई से ये गलत साबित हुआ।”
“डोनाल्ड ट्रम्प की साउथ एशिया पॉलिसी एकदम साफ है। हम पाक के साथ बेहतर रिश्ते रखना चाहते हैं। लेकिन हम ये भी चाहते हैं कि पाक आतंकी गुटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और आतंकियों को अपनी जमीन पर पनाह न दे। हाफिज की रिहाई को कतई सही नहीं ठहराया जा सकता।”

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