(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : देवभूमि हिमाचल के कई मंदिर रहस्यों से भरे पड़े हैं। इन मंदिरों से जुड़ी देव आस्था की बातें हर किसी को हैरान कर देती हैं। ऐसा ही एक मंदिर मंडी शहर में स्थित है। बात हो रही है बाबा भूतनाथ मंदिर की। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव से एक माह पूर्व से बाबा भूतनाथ मंदिर में प्राचीन समय से मक्खन चढ़ाने की परंपरा को कायम रखते हुए हर रोज अलग-अलग रूपों का श्रृंगार किया जाता है। एक महीने में यहां एक क्विंटल से ज्यादा मक्खन चढ़ाया गया।बाबा भूतनाथ मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग पर करीब एक माह से चढ़ाया गया मक्खन का लेप आज सुबह पूरे विधि विधान के साथ निकाला गया। इसके बाद शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया।प्राचीन परंपरा का निर्वाह करते हुए मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ में शिवलिंग का श्रृंगार मक्खन के लेप की विधि धृत कंबल से किया जाता है। शिवरात्री के एक दिन पहले इस लेप को निकाला जाएगा। मान्यता है कि वैदिक काल से यह परंपरा चली आ रही हैं। मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती के अनुसार हर शाम जब वह साधना में होते हैं।
इस दौरान उन्हें जिस भी देवी-देवता का स्वरूप दिखता है, उसे मक्खन के शिवलिंग में उकेर देते हैं। इस तरह यहां श्रद्धालुओं को देश भर में पूजे जाने वाले प्रमुख देवी-देवताओं के दर्शन होते हैं। हालांकि, इसके वैज्ञानिक पहलू भी हैं लेकिन देव आस्था इन वैज्ञानिक पहलुओं पर हावी रहती है। करीब 30 दिन तक शिवलिंग पर किसी भी प्रकार का जल नहीं चढ़ाया जाता।