हिमाचल- गावों में रात भर बजते हैं शादियों के डीजे, बुजुर्ग और बीमार परेशान।

धुन ऊंची आवाज में गगन चूमती है और आसपास रहने वाले लोगो को परेशान करती है। युवा वर्ग तो यह सहन कर लेते हैं लेकिन किसी के घर में अगर मरीज व बुजुर्ग हैं तो यह आसमान चूमती आवाज उन्हें बेहद परेशान कर देती है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : थलौट – गुलाब महंत : कुछ ऐसे लोग समाज मे मौजूद है जो केवल अपने स्वार्थ अपनी मौजमस्ती पर ही केन्द्रित हो गए है। इसमे चाहे आसपास के रहने वालों पर क्या वीते जाऐ इन्हे कोई फर्क नही पडता। यह मामला आज कल जगह जगह पर हो रहे शादी समारोह के दौरान देखे जा सकते है। होता यह है कि दिन भर नाच-गान के बाद शाम ढलते ही डीजे की धुन शुरू हो जाती है। यह धुन ऊंची आवाज में गगन चूमती है और आसपास रहने वाले लोगो को परेशान करती है। युवा वर्ग तो यह सहन कर लेते हैं लेकिन किसी के घर में अगर मरीज व बुजुर्ग हैं तो यह आसमान चूमती आवाज उन्हें बेहद परेशान कर देती है। हालांकि माननीय उच्च न्यायालय ने इन पर रोक लगा दी है और रात्रि 10 बजे के बाद ऐसे कानफोडू म्यूजिक बन्द करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन अब समस्या यह है कि रात को इन पर कौन रोक लगाए। पुलिस व प्रशासन से दूर ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ निचले क्षेत्र में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं है कि इन्हे रोका जा सके, रही शिकायत की बात तो पास पड़ोस में रहने वाले शिकायत भी करें तो दुश्मनी मोल लेने वाली बात हो जाती है और वो सब कुछ सहन करने को मजबूर होते हैं। बुद्धिजीवी वर्ग इस पर केवल यही राय दे रहा है कि जिस घर में ऐसे समारोह हों वे स्वंय ही इन बातों का ख्याल रखें ताकि आपसी प्रेम भी बना रहे और समारोह भी खुशी से मनाया जाए।साथ ही उन्होंने यह मांग भी की है कि इस समस्या के सम्बन्ध में आम जनता को जागरूक किया जाय, और इसके लिए जागरूकता शिविर भी लगाए जाएं।

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