(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हिमाचल में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राज्य की शक्तिपीठों श्रीनयना देवी, चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, बज्रेश्वरी और आदि हिमानी मां चामुंडा के मंदिरों के अलावा शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही हैं। भक्त भगवान भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, फल आदि चढ़ाने और उनके दर्शन के लिए सुबह से मंदिरों में पहुंच रहे हैं। पूरा हिमाचल शिवमय हो गया है। चंबा जिले के चौरासी मंदिर परिसर में भगवान धर्मराज के मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। यहां भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। चौरासी मंदिर में मणिमहेश लिंग की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। वहीं, साहो के ऐतिहासिक चंद्रशेखर मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।वहीं, मंडी के बाबा भूतनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे भक्त एक किलोमीटर लंबी लाइन में इंजतार करते रहे। मंडी का अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंगलवार 5 मार्च से शुरू होगा। माधोराय और बाबा भूतनाथ मंदिर में विशेष पूजा के बाद शाही जलेब निकाली जाएगी। 7 दिन तक चलने वाला शिवरात्रि महोत्सव 11 मार्च को संपन्न होगा। महोत्सव में शामिल होने के लिए देवलुओं, कारदारों और गूरों के साथ 216 देवी-देवता मंडी पहुंच चुके हैं। भूतनाथ मंदिर में मंत्री गोबिंद ठाकुर ने भी पूजा-अर्चना की।भूतनाथ मंदिर कुल्लू में भी भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। यहां शिव मंदिरों में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वहीं, सिरमौर के पांवटा में स्थित प्राचीन पातालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर भोले का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद लेने के लिए भक्त सुबह चार बजे से लाइनों में लगे हैं। हमीरपुर के प्रसिद्ध गसोता महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की लंबी लाइन लगी। यहां भक्त लगातार भोले के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। राजधानी शिमला के शिवालयों में भी सुबह से भक्तों की लंबी लाइने लगी हैं। कई मंदिरों में भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।जिला कांगड़ा के शिवालयों और शक्तिपीठों में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ज्वालामुखी में जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया। ऊना, सोलन और बिलासपुर के मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ हैं।