(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : शिमला। सऊदी अरब के शहर रियाद में बंधक बनाए गए 14 में से चार और युवकों की 75 दिनों बाद बुधवार की सुबह वतन वापसी हो गई है। सऊदी अरब से लौटे सुंदरनगर के गांव जड़ोल निवासी रविकांत (26), कनैड के श्याम लाल (40), रती के बिक्रम चंद (42) और भूपेंद्र कुमार(40) के घर पहुंचने पर उनके परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली है। घर लौटते ही इन चारों युवकों ने सुंदरनगर थाने में जाकर बयान दर्ज कराए। वहीं, तीन युवक अभी भी रियाद में ही फंसे हुए हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए साथी युवकाें ने सरकार से मांग की है। रविकांत व बिक्रम चंद ने कहा कि एजेंटों ने उनसे 90 हजार रुपये लिए थे। उन्हें टूरिस्ट वीजा देकर सऊदी अरब भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि जेल में बिताए दो महीने उनके लिए जीते जी नरक में जीने जैसे थे। उन्होंने कहा कि जेल में कैद लोगों को प्रशासन की ओर से मेडिकल सुविधा भी नहीं दी जाती है। सिर्फ शूगर व ब्लड प्रेशर के मरीजों का ही कभी कभार चेकअप होता है। जेल में बंद लोगों को सिर्फ मांसाहार परोसा जाता है। शाकाहारी लोगों को सूखे चावल खाकर गुजारा करना पड़ता है। श्याम लाल ने कहा कि उन्हें सऊदी मालिक ने जेल से बाहर निकाल कर काम पर लगा दिया था। उससे 12 घंटे तक लगातार काम करवाया जाता रहा। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर के एजेंटों के माध्यम से सऊदी अरब गए 14 युवकों में से 3 युवक तनुज निवासी छजवारे, देवेंद्र निवासी सिहली व पवन निवासी मलोह अभी भी वीजा समाप्त होने के बाद रियाद में फंसे हुए हैं।इन युवकों ने प्रदेश व केंद्र सरकार से मांग की है कि सऊदी अरब में फंसे अन्य हिमाचली युवाओं को भी जल्द स्वदेश लाने का इंतजाम किया जाए। सऊदी अरब से लौटे चारों युवक रविकांत, श्याम लाल, बिक्रम चंद और भूपेंद्र कुमार घर लौट आए हैं। इन युवकों ने एजेंटों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।