हिमाचल: सामने आया शिक्षा विभाग में स्टेशनरी बिल घोटाला, अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : शिमला। शिक्षा विभाग में नौ लाख की स्टेशनरी के बिल में हेरफेर कर सरकारी धनराशि के गोलमाल का मामला सामने आया है। हमीरपुर जिले के सरकारी स्कूलों के अध्यापकों के लिए सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के तहत दो माह पूर्व लगाए सेमीनार के लिए स्टेशनरी खरीदी। इस स्टेशनरी की खरीद के लिए कुल नौ लाख रुपये खर्च हुए, जिसमें जिले के छह खंडों को स्टेशनरी खरीदने के लिए डेढ़-डेढ़ लाख खर्च हुए। आरोप है कि पांच रुपये प्रिंट के बालपेन का सरकारी बिल में रेट सात रुपये और दस रुपये के कांफ्रेंस पैड का बिल 13 रुपये बनाया गया है। इसकी शिकायत कुछ अध्यापकों ने एसएसए और आरएमएसए के जिला परियोजना अधिकारी को भेजी है। आरोप है कि विभाग के नाम पर बनाए बिल, बालपेन और कांफ्रेंस पैड पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य को दर्शाते रैपर भी भेजे हैं। शिकायत के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच के बाद कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। हैरानी की बात है कि बालपेन और कांफ्रेंस पैड दोनों के रैपर पर उनके अधिकतर खुदरा मूल्य अंकित हैं। बावजूद इसके पक्के बिल पर कैसे अधिक मूल्य दर्शा दिया। स्कूलों अध्यापकों के लिए अक्तूबर और नवंबर में पांच-पांच दिन के सेमीनार जिले के सभी खंडों में हुए थे। इनमें प्रत्येक अध्यापक को विभाग की तरफ से बॉलपेन और कांफ्रेंस पैड वितरित किए गए थे। यह सामग्री शिक्षा विभाग की तरफ से खरीदी गई थी। इसके बिल संबंधित प्रभारी ने विभाग में जमा करवाए हैं। उधर, एसएसए के जिला परियोजना अधिकारी एवं प्रधानाचार्य डाइट गौना करौर राजेंद्र पाल ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। वहीं, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि शिकायत आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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