हिमाचल में बनी दवाइयों के सैंपल फैल, CDSCO के मानकों पर नहीं उतरी खरी

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : शिमला। सीडीएससीओ ने दिसंबर महीने का ड्रग अलर्ट जारी कर दिया है. जांच में प्रदेश के कई दवाई निर्माता कंपनियों को बड़ा झटका लगा है. देशभर की 29 दवाओं सहित हिमाचल में बनी आठ दवाइयों के सैंपल्स को खराब पाया गया है. सीडीएससीओ ने खराब दवाओं का स्टॉक वापिस मंगवाने और संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा हैl राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि सभी संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी किए गए हैं. दवाओं का बैच रिकॉल करने के लिए भी कहा हैl सभी संबंधित दवा उद्योगों से सैंपल फेल होने का कारण पूछा जाएगाl 

फॉलिक एसिड, सिरदर्द सहित महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों की दवाएं जांच की कसौटी पर खरा नहीं उतर सकी हैं। सीडीएससीओ ने दिसंबर माह का ड्रग अलर्ट जारी कर दिया है। इसमें देशभर की 29 दवाओं सहित हिमाचल में बनी आठ दवाओं के सैंपलों को विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियों ने खराब पाया है।
हिमाचल के बददी मखनुमाजरा स्थित अरिस्टो लैबोरेट्री की दवा मिकासिन खराब पाई गई है। इसी तरह सोलन के कुम्मारहटटी स्थित एसएमडी कैमी फार्मा कंपनी की सीरेटिड दवा खराब पाई गइ है। जिला सोलन के बद्दी स्थित आयोन हेल्थकेयर की दवा कैंडीजोल को खराब करार दिया है। सोलन के ओच्छघाट स्थित कोरोना रेमेडीज की दवा बी.29 फॉलिक एसिड दवा और अन्यों को फेल पाया गया है।
जिला सोलन के नालागढ़ स्थित एएनजी लाइफ साइंस उद्योग में निर्मित सिफ टाजिडाइम इंजेक्शन को खराब पाया गया है। सोलन के बद्दी स्थित एलाइंस हेल्थकेयर में निर्मित फीरस एसकोरबेट जिंक एंड फॉलिक एसिड टैबलेट को फेल पाया है। जिला सिरमौर के पांवटा साहिब स्थित एनडीएच फार्मास्यूटिकल में निर्मित हैक्स फोर्ट सिरप को फेल पाया गया है।

जिला सोलन के नालागढ़ स्थित एक्मे लाइफ साइंस में निर्मित पावरगैसिक टैबलेट को फेल पाया गया है। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने कहा कि सभी संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही दवाओं का बैच रिकॉल करने के लिए भी कहा है। कहा कि सभी संबंधित दवा उद्योगों से सैंपल फेल होने का कारण पूछा जाएगा। अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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