10वी पास युवक ने इंटरनेट का सही इस्तेमाल करके बनाई कमाल की डिवाइस

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। वह अभी सिर्फ 22 साल का है और उसका नाम साई तेजा है। उसने एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाई है, जो आपकी गाड़ी के लिए खास है। इस डिवाइस की खासियत यह है कि अगर आप गाड़ी चलाना चाहते हैं और आपने शराब पी है तो यह आपको गाड़ी नहीं चलाने देगी। यानि संभावित खतरे से आपको यह डिवाइस बचाएगी। यह तो आप जानते ही होंगे कि जब आप शराब पी लेते हैं तो आपके रिफ्लेक्सेस धीमे हो जाते हैं। अगर आप शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं और ऐसे में अचानक ब्रेक लगाना पड़ें तो आप उनती जल्दी रिएक्ट नहीं कर पाएंगे, जितनी जल्दी बिना नशे के कर सकते हैं। ऐसे में साई तेजा की बनाई यह डिवाइस आपके और अन्य लोगों की जान के लिए एक उपहार है। अगर आपने 30 फीसद से ज्यादा शराब पी है और आपकी गाड़ी में साई तेजा की यह डिवाइस लगी है तो आपकी गाड़ी स्टार्ट ही नहीं होगी। आपके नशे की हालत में यह डिवाइस इंजन को स्टार्ट ही नहीं होने देगी। तेजा ने सिर्फ 15 दिन की मेहनत और 2500 रुपये की लागत से इस डिवाइस को तैयार किया है। अगर आप शराब पीकर ड्राइवर सीट पर बैठ रहे हैं तो तेजा की यह डिवाइस तुरंत इस बात का पता लगा लेती है। इसके बाद यह डिवाइस इंजन को संदेश भेजती है और लाख कोशिश के बावजूद भी आपकी गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी। यही नहीं डिवाइस उसके साथ कॉन्फिगर किए गए मोबाइल नंबर पर भी एक संदेश भेज देगी, ताकि आपके चाहने वाले आपकी स्थिति के बारे में जान सकें।  की उम्र अब 22 साल है और आज वह अपनी इस डिवाइस के कारण पहचाना जा रहा है। एक वक्त ऐसा भी था जब किसी कारणवश उसे 10वीं कक्षा में ही स्कूल छोड़ना पड़ा था। इसके बाद वह फिर कभी स्कूल नहीं जा पाया। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स में उसकी रुचि थी। उसने इंटरनेट का सही इस्तेमाल किया। उसने इंटरनेट से कोड के बारे में जाना और आपकी जान बचा सकने वाली यह डिवाइस बनाकर तैयार कर दी। अकेले साई तेजा ही ऐसे नहीं हैं, जिन्होंने ऐसी डिवाइस बनाई है। उनके अलावा भी देश में कुछ युवा हैं, जिन्होंने इसी तरह की डिवाइस बनाकर लोगों की जान बचाने की दिशा में अहम योगदान दिया है। 

कार की खास तकनीक ड्राइवर के नशे में होने पर उसे स्टार्ट ही नहीं होने देगी। इस तकनीक का इजाद सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किया गया है। इसके लिए कोरबा आइटी कॉलेज के विद्यार्थियों ने एल्कोहल सेंसिंग प्रणाली ईजाद की है। इसे एल्कोहल सेंसिंग प्रोजेक्ट विद इंजन लॉकिंग नाम दिया गया है। अगर किसी ने शराब पीकर इस प्रणाली से लैस कार की ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश की, तो इंजन खुद-ब-खुद लॉक हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट पुश बटन से स्टार्ट होने वाली कार (बीएस-पुोर व बीएस-पुाइव मॉडल) में माइक्रोकंट्रोलर पर आधारित है। इस प्रणाली में कार की ड्राइविंग सीट के पास एल्कोहल सेंसर, एलईडी स्क्रीन व बजर समेत कुछ अन्य इंतजाम विकसित किए जा रहे हैं। सेंसर के जरिए ड्राइवर के शरीर में न्यूनतम या अधिकतम एल्कोहल की मात्रा को भांपकर एलईडी स्क्रीन पर दर्शाया जाएगा। अगर एल्कोहल की मात्रा तय लिमिट से अधित पाई गई, तो सेंसर एक्टिव हो जाएगा, बजर भी बजने लगेगा और कार स्टार्ट नहीं होगी। कार लॉक हो जाएगी। वह चाहकर भी कार नहीं चला सकेगा।ईईई के एचओडी प्रणय राही ने कहा कि नशे में ड्राइविंग कर न केवल अपनी जान जोखिम में डालते हैं, कई बार उनकी वजह से दूसरों की जिंदगी भी दांव पर लग जाती है। यही वजह है जो उनके विद्यार्थियों ने यह विषय चुना। अपना यह प्रोजेक्ट पूरा कर व्यावहारिक रूप से प्रयोग कर पाने उन्हें करीब छह माह का वक्त लगा है।

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