(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : भारत रक्षा मामलों को गंभीरता से लेते हुए अमेरिका से नई खरीद की रह पर है। भारत अमेरिका से 7.5 अरब डॉलर (लगभग 52 हजार करोड़) के रक्षा उपकरणों की खरीद करने की तैयारी में हैं। इनमें सशस्त्र ड्रोन और नौसेना के लिए 12 जासूसी विमान शामिल हैं। इन दोनों ही सौदों पर अलग-अलग तेजी से काम हो रहे हैं। सशस्त्र ड्रोन तो सेना के तीनों अंगों के लिए है, जबकि दूसरा सौदा शुद्ध रूप से नौ सेना के लिए है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र ड्रोन से बहुत ऊंचाई से भी जमीन पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। इससे नौ सेना के साथ ही अन्य सशस्त्र बलों की क्षमता में वृद्धि होगी। सूत्रों ने बताया कि तीनों सेनाओं की जरूरतें अलग-अलग हैं। अगले दो तीन महीने में सभी को एक साथ जोड़कर उनकी खरीद के लिए अमेरिका को अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। ट्रंप प्रशासन ने इसी साल जून में भारत को सशस्त्र ड्रोन बेचने की अनुमति दी थी। साथ ही ड्रोन में जरूरी मिसाइल और अन्य उपकरणों लगाने का प्रस्ताव भी किया था। इस बीच समाचार एजेंसी रॉयटर ने खबर दी है कि भारत ने एस-400 एंटी एयरक्रॉफ्ट मिसाइल सिस्टम के लिए रूस को 800 मिलियन डॉलर की रकम का भुगतान कर दिया है। रूसी समूह रोसटेक के सीईओ रोस्टेक सर्गेई केमेजोव ने सोमवार को बताया कि भारत की ओर से रकम का भुगतान किए जाने के बावजूद बातचीत का दौर जारी है। भारत के साथ किए गए इस करार के 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है।