(न्यूज़लाइवनाउ-Bihar) राज्य की सियासत में चुनावी हलचल के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को एक और बड़ा झटका लगा है। नवादा से विधायक विभा देवी और रजौली (सुरक्षित) से विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव को सौंप दिया। इससे पहले संगीता कुमारी, भरत बिंद और चेतन आनंद भी राजद से नाता तोड़ चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट थीं। वहीं, प्रकाश वीर भी संगठन में अपनी उपेक्षा से नाराज चल रहे थे। कुछ माह पहले दोनों नेताओं ने तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इस्तीफे की अटकलें तब तेज हो गई थीं जब दोनों गया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के मंच पर नजर आए थे।
प्रकाश वीर बोले—“सम्मान से बड़ा कुछ नहीं”
इस्तीफा देने के बाद प्रकाश वीर ने कहा कि उन्होंने राजद से मोहभंग के चलते विधायक पद छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव जब नवादा दौरे पर आए थे, तब उन्हें बुलाया तक नहीं गया। कार्यक्रम के दौरान भीड़ में किसी ने चिल्लाकर कहा—‘तेजस्वी भैया, प्रकाश वीर को हटाओ’। इससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंची। उन्होंने साफ कहा—“अब राजद में वापसी का सवाल ही नहीं उठता।”
नवादा से विधायक विभा देवी ने कहा कि पार्टी के कुछ नेताओं ने उनके और उनके परिवार की साख धूमिल करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के करीबी कुछ नेताओं ने सरकार गठन के समय उनसे भारी रकम की मांग की थी। उन्होंने कहा, “मैंने कभी रिश्वत नहीं ली, न ही राजनीति में सम्मान बेचने आई हूं।” विभा देवी ने यह भी जोड़ा कि जब उन्होंने गलत काम के लिए पैसे देने से इनकार किया, तभी से उन्हें हाशिए पर धकेल दिया गया।
2020 में नवादा सीट से विजयी रही विभा देवी और उनके पति राजबल्लभ यादव की बीजेपी से बढ़ती नजदीकियों पर लंबे समय से चर्चा है। अगस्त 2025 में गया की रैली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करने के बाद से उनके भाजपा या जदयू में शामिल होने की संभावना और प्रबल मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि वह नवादा सीट से एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकती हैं।
प्रकाश वीर की पृष्ठभूमि
दलित वर्ग से आने वाले प्रकाश वीर ने 2015 में पहली बार विधायक के रूप में जीत हासिल की थी। अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर सक्रिय रहने के बावजूद पार्टी संगठन में उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया गया। अगस्त में वायरल हुए एक वीडियो में राजद कार्यकर्ता ‘प्रकाश वीर को हटाओ’ के नारे लगा रहे थे, जिससे उनकी नाराजगी और गहरी हो गई।
2020 के विधानसभा चुनाव में नवादा और रजौली दोनों सीटों पर राजद ने मजबूत प्रदर्शन किया था। विभा देवी ने भाजपा प्रत्याशी को हराया था, जबकि प्रकाश वीर ने एनडीए को मात दी थी। इन दोनों की जीत ने मगध क्षेत्र में राजद की स्थिति को मजबूती दी थी, लेकिन अब इन्हीं सीटों से पार्टी को सबसे बड़ा झटका मिला है।