ANKITA MURDER CASE : दो दिन रुका था पुष्प , हो सकते हैं मर्डर से लिंक।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): पुष्प ने एसआइटी को बताया कि अंकिता की हत्या से पहले काफी देर तक उसकी वाट्सएप पर अंकिता से बातचीत हुई। इस दौरान अंकिता रिसार्ट में चल रही गतिविधियों और हत्यारोपितों के उसके प्रति व्यवहार को लेकर मानसिक रूप से काफी परेशान थी।भाजपा से निकाले जा चुके डा. विनोद आर्या के बेटे पुलकित आर्या के पौड़ी जिले के गंगा भोगपुर (यमकेश्वर) स्थित वनन्तरा रिसार्ट में अंकिता ने इसी 28 अगस्त को रिसेप्शनिस्ट के पद पर ज्वाइन किया था। पुलकित और उसके साथी अपने काले कारनामों में अंकिता को शामिल करने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे।उस पर अनैतिक काम के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इसके लिए रुपयों का लालच भी दिया गया। वह नहीं झुकी तो नौकरी से निकाले जाने की धमकी दी गई। इन प्रताड़नाओं से अंकिता इतनी परेशान हो गई कि ज्वाइनिंग के महज तीन सप्ताह बाद ही दूसरी नौकरी तलाशने लगी थी। पुष्प से वह रिसार्ट और पुलकित व उसके साथियों की हर हकीकत साझा करती थी।हत्या से एक दिन पहले 17 सितंबर को भी अंकिता की पुष्प से वाट्सएप पर लंबी बातचीत हुई। इसमें अंकिता ने उसे बताया कि रिसार्ट और इसके संचालक अच्छे नहीं हैं। मैनेजर अंकित गुप्ता ने उससे कहा है कि रिसार्ट में वीआइपी गेस्ट आ रहे हैं, उन्हें ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देनी पड़ेगी। रिसार्ट में चल रही गतिविधियों की हकीकत और पुलकित व उसके साथियों के काले कारनामों की कुछ जानकारियां इसी चैट के माध्यम से सामने आई थीं।इसलिए पुलिस अंकिता और पुष्प के बीच हुई वाट्सएप चैट और फोन काल को महत्वपूर्ण सुबूत मान रही है। इन्हीं की सत्यता का पता लगाने और कुछ अन्य जानकारी हासिल करने के लिए एसआइटी ने पुष्प को बयान दर्ज कराने के लिए जम्मू से ऋषिकेश बुलाया था। सुबह ही वह रेलवे स्टेशन पहुंचा, जिसके बाद एसआइटी उसे अपने साथ बयान दर्ज करने के लिए ले गई। पूरे दिन में वह लगभग सात घंटे एसआइटी के साथ रहा और इस दौरान पुष्प व एसआइटी के सभी अधिकारियों के फोन बंद रहे।अंकिता की हत्या में इस्तेमाल की गई स्कूटी आरोपित सौरभ भास्कर के, जबकि बाइक किसी महिला के नाम पर है। गुरुवार को एसआइटी ने इन वाहनों की डिटेल निकाली तो यह जानकारी मिली। पुलकित स्कूटी पर अंकिता को घटनास्थल तक लेकर गया था, जबकि अंकित और सौरभ बाइक पर थे।

Comments (0)
Add Comment