(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): कुछ दुकानों पर वाकई इसकी वजह चाय बनाने वाले का खास हुनर हो, लेकिन तमाम दुकानों पर इसकी वजह डोडा पाउडर भी हो सकता है। इसके अलावा यदि आपको सिर्फ एक ही दुकान की चाय पसंद आती है, तो भी सावधान हो जाइए। दरअसल, बिहार के पूर्णिया में एक चायवाला सामने आया है। ये चायवाला अपने ग्राहकों को अपनी चाय की लत लगाने के लिए चाय में अफीम मिला दिया करता था। उसकी दुकान पर अक्सर लोगों की भीड़ रहती थी। चाय बेचकर दुकानदार ने खूब पैसे भी कमाए। लोगों उसकी चाय के दिवाने हो गए थे। उसकी इस हरकत का वर्षों तक किसी को पता नहीं चला। मुफ्फसिल थाना पुलिस ने उसका भांडाभोड़ दिया। पुलिस ने 64।4 ग्राम अफीम के साथ पकड़ लिया।
पुलिस ने इस बात का खुलासा हुआ कि वो चाय में अफीम मिलाया करता था। चायवाले की पहचान शहर के सदर थाना क्षेत्र के चंदननगर गुलाबबाग निवासी मंटू जयसवाल के बेटे प्रिंस कुमार उर्फ प्रिंस कुमार जयसवाल के रूप में हुई है। चाय की आड़ में वह अफीम की तस्करी भी करता था। अफीम की तस्करी के लिए वो अपनी कार का भी इस्तेमाल करता था। वहीं इस मामले में मुफस्सिल थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा ने बताया कि उन्हें यह सूचना मिली थी कि कटिहार से एक कार सवार पूर्णिया की ओर अफीम लेकर जा रहा है।
लिस ने एनएच 31 के पास कार सवार को पकड़ा। अरोपी के पास से 64।6 ग्राम अफीम बरामद की गई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह बंगाल से अफीम लाकर अपनी चाय की दुकान में चोरी–छिपे बेचता था। इस दौरान वह चाय में भी अफीम मिलाता था। जिससे लोगों को उसकी चाय की लत लग गई। लोगों को भी पता नहीं था कि चाय में अफीम मिलाई जाती है। आरोपी जलालगढ़ स्थित काली मंदिर के पास चाय की दुकान लगाता था। इस तरह की ये पहली घटना नहीं है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में इंटरनेशनल नारकोटिक ड्रग्स कार्टेल का भंडाफोड़ किया है। इसमें राजस्थान निवासी दो लोगों को गिरफ्तारी किया गया है। इन आरोपियों के पास से 41।2 किलोग्राम अफ़ीम बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 करोड़ की कीमत है। चाय की थैलियों से लदे ट्रक में अफीम मणिपुर से दिल्ली लाई जा रही थी। गिरफ्तार आरोपी करीब पांच साल से अफीम की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, देश के कई राज्यों में इनका नेटवर्क स्थापित है।