(न्यूज़लाइवनाउ-Bengaluru) 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ग्रेटर बेंगलुरू अथॉरिटी (GBA) ने शहर के प्रशासनिक कर्तव्यों के अंतर्गत पूरे शहर में मांस की बिक्री और जानवरों के वध पर कड़ा प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस आदेश के मुताबिक सभी बूचड़खाने और मीट शॉप्स उस दिन बंद रहेंगे और कोई भी मांस कारोबार नहीं कर सकेगा।
इस कदम का मकसद महाशिवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व को आस्था और धार्मिक भावनाओं के अनुरूप सम्मान देना बताया गया है। ऐसे दिनों में कई हिंदू श्रद्धालु उपवास रखते हैं और पशु वध से संबंधित गतिविधियां बंद रखना धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।
प्रशासन ने क्या निर्देश दिए?
प्राधिकरण ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन किया जाए और किसी भी तरह की नियम उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। आदेश के अनुसार मांस बेचने वाली सभी दुकानों और बूचड़खानों को उस दिन पूरी तरह बंद रखना होगा, जिससे धार्मिक समारोहों में किसी प्रकार की विघ्न-बाधा न आए।
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित दिन माना जाता है। यह पर्व आस्था, वंदना और संयम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, जिसके चलते कई स्थानों पर विशेष आयोजन, पूजा-अर्चना व रात्रि जागरण होते हैं। इस दिन भक्तजन उपवास रखते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध आदि अर्पित करते हैं। धार्मिक परंपरा के सम्मान में कई शहरों में मीट तथा शराब पर भी प्रतिबंध लगाया जाता है।
महाशिवरात्रि जैसे पर्वों के दौरान दूसरे कई स्थानों पर भी मांस विक्रय तथा वध पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाते हैं, ताकि धार्मिक भावनाएं सुरक्षित रहें और शांति-व्यवस्था बनी रहे।
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