(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से कहा था कि वो अपने कब्ज़े से इंडियन एयर फ़ोर्स के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे। संसद को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा, ‘’हमने भारत को चिट्ठी लिखी कि विदेश मंत्रियों को मिलना चाहिए लेकिन हमें बेहतर जवाब नहीं मिला। हमें लगा कि इसका जवाब इसलिए नहीं आया क्योंकि भारत में चुनाव हैं। इनके चुनावी अजेंडा में हमारे साथ संबंध अच्छे हों, ये है ही नहीं है।
इमरान खान ने कहा : हमें खौफ़ था चुनाव के मद्देनज़र कुछ ना कुछ होगा जिसे भारत चुनाव के लिए इस्तेमाल करेगा।मैं ये नहीं कहता कि पुलवामा में भारत का हाथ था, लेकिन हमले आधे घंटे के भीतर हमारे ऊपर आरोप लगे।हमें इससे क्या मिलता। हमने भारत को जांच में सहयोग के लिए कहा, हम अपनी जमीं पर दहशतगर्दी को इजाजत नहीं देंगे।मैं पाक मीडिया से कहना चाहता हूं कि यहां मीडिया का बेहतर रूख था। हम लोगों ने खुद देखा है कि आतंक से क्या होता है। हम पीड़ित है। मुझे अफसोस है कि भारत की मीडिया ने बेहद बचकाना रवैया दिखाया उन्हें नहीं पता युद्ध का नुकसान, हमारी मीडिया ने 70 हज़ार लोगों की मौत आतंक के कारण होते देखी है।आज भारत ने डॉजियर भेजा लेकिन दो दिन पहले हमला कर दिया। ये पहले डॉजियर दे सकते थे। भारतीय चुनाव को देखते हुए भारत सरकार ये कर रही है।जब भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया तो मुझे सुबह सुबह पता चला। हमने सेना प्रमुख से बात की। हमें किसी के हताहत होने की खबर मिली। हमने तय किया कि हम कुछ ना करे। अगर कोई हताहत नहीं हुआ और हम किसी को हताहत कर दें तो ये गलत होता । हमने एक ज़िम्मेदार देश की तरह ये दिखाया कि हमले पर हम चुप नहीं होगा। इस हमले में पायलट पाक के कब्जे में है। मैंने मोदी को कल फोन करने की कोशिश की ताकि हम बता सकें। लेकिन वे नहीं चाहते कि बात हो। हमारी सारी कोशिश है कि तनाव कम हो।मैं हिंदुस्तान की आवाम से पूछना चाहता हूं कि क्या इस जुल्म से कश्मीर पाया जा सकता है? पिछले 20 साल में कोई भी कश्मीर के नेता भारत की नीतियों के साथ नहीं रहना चाहते। वो आज़ादी चाहते हैं। आखिर क्यों कश्मीरी युवा खुद को बम बना लेता है। आखिर क्यों उनमें मरने का ख़ौफ खत्म हो गया है। भारत में एक बहस की ज़रूरत है। हर वक्त पाकिस्तान पर ऊंगली ना उठाए।मोदी को पागाम देना चाहता हूं कि किसी को युद्ध की ओर ना ढकेलें। भारत से कहना चाहता हूं इसे यहीं रोक दें आगे ना ले जाएं वरना पाकिस्तान को मजबूरी में जवाब देना होगा।
इमरान खान के संसद में संबोधन से पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि वह भारतीय पायलट को रिहा करने को लेकर भारत से बातचीत को तैयार हैं।