(न्यूज़लाइवनाउ-USA) अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट में पाकिस्तान की परमाणु और मिसाइल क्षमता को लेकर चिंता जताए जाने के बाद इस मुद्दे पर नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है, जिनकी मिसाइल तकनीक भविष्य में अमेरिका के लिए खतरा बन सकती है।
इस टिप्पणी पर पाकिस्तान ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को खारिज कर दिया। इस्लामाबाद का कहना है कि उसका परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम केवल आत्मरक्षा के लिए है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखना है, न कि किसी दूरस्थ देश को निशाना बनाना।
पाकिस्तान ने इस पूरे मामले में भारत का जिक्र करते हुए कहा कि असली चिंता भारत के बढ़ते सैन्य और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर होनी चाहिए। पाकिस्तान का दावा है कि भारत लंबी दूरी की ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है, जिनकी मारक क्षमता क्षेत्रीय सीमाओं से कहीं आगे तक जा सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद दक्षिण एशिया में सामरिक तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जहां अमेरिका पाकिस्तान की क्षमताओं पर नजर बनाए हुए है, वहीं पाकिस्तान भारत को मुख्य कारण बताकर अपनी नीति को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है।