(न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड में गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में मंत्री ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट करते हुए माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी उनसे माफी मांगने के लिए कहता है, तो वह ऐसा करने के बजाय अपने पद से इस्तीफा देना पसंद करेंगे। उनके मुताबिक, व्यक्ति के लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका आत्मसम्मान होता है।
दलेर मेहंदी को लेकर क्या बोले सुबोध उनियाल?
एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान में सुबोध उनियाल ने कहा कि आत्मसम्मान उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने रुख से पीछे हटने वाले नहीं हैं। इससे पहले भी मंत्री ने माफी मांगने की खबरों को खारिज करते हुए सवाल उठाया था कि जब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया तो माफी किस बात की मांगें।
उनियाल का कहना था कि उन्हें कार्यक्रम के दौरान लगा कि दलेर मेहंदी नशे की हालत में हैं। हालांकि, उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि गायक किस वजह से असहज नजर आ रहे थे। बाद में उन्हें बताया गया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी। मंत्री ने कहा कि यदि उनकी सेहत ठीक नहीं थी तो उन्हें या तो कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए था या फिर दर्शकों और आयोजकों को पहले ही इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
मंत्री ने यह भी बताया कि दलेर मेहंदी और उनकी टीम को कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे। इसके अलावा उनके ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था भी अलग से की गई थी। उनियाल के मुताबिक, उनका उद्देश्य संगीत जगत या किसी कलाकार की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं था, लेकिन जब गायक करीब 45 मिनट तक अपेक्षा के अनुरूप प्रस्तुति नहीं दे पाए तो जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने हस्तक्षेप किया। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें भी अपने सम्मान और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।
18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में हुआ था विवाद
पूरा मामला 18 अक्टूबर को टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या से जुड़ा है। यहां पंजाबी गायक दलेर मेहंदी अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान उनकी आवाज लड़खड़ाने और गायन को लेकर नाराजगी जताते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए।
मंत्री ने गायक को बीच कार्यक्रम में टोकते हुए कहा था कि उन्हें दर्शकों के मनोरंजन के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं तो गाना कैसे गाएंगे। इस पर दलेर मेहंदी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री से सम्मानपूर्वक पंडाल में बैठने का आग्रह किया और कहा कि वह अच्छी प्रस्तुति देने की कोशिश कर रहे हैं।
मीका सिंह समेत कई कलाकारों ने जताई थी नाराजगी
मंच पर हुए इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। गायक मीका सिंह ने अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी का समर्थन करते हुए मंत्री के व्यवहार पर आपत्ति जताई और उनसे माफी मांगने की मांग की। इसके अलावा कपिल शर्मा सहित मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी गायक के समर्थन में आवाज उठाई।
विवाद बढ़ने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीका सिंह से फोन पर बातचीत की थी।
उन्होंने कहा था कि कलाकारों का सम्मान उत्तराखंड की परंपरा का हिस्सा है और किसी भी तरह की गलतफहमी को आपसी बातचीत तथा सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दलेर मेहंदी से भी बातचीत की थी।हालांकि, मुख्यमंत्री की पहल के बावजूद मंत्री सुबोध उनियाल अपने बयान पर कायम हैं। अब उनका ताजा बयान सामने आने के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।