वायरल वीडियो के कारण चर्चा में आई भारत की पहली वॉटर मेट्रो, यात्रियों ने की जमकर तारीफ़

Newslivenow-India: कोच्चि वॉटर मेट्रो, जो भारत की पहली जल-आधारित मेट्रो परिवहन प्रणाली है, एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार इसकी वजह कोई सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक इंस्टाग्राम वीडियो है, जिसमें एक यात्री ने वॉटर मेट्रो में सफर का अपना अनुभव साझा किया है।यह परियोजना केरल में स्थित है और इसकी शुरुआत दिसंबर 2021 में पहली इलेक्ट्रिक बोट ‘मुज़िरिस’ के साथ की गई थी।

वॉटर मेट्रो को एक अनोखे और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्प के रूप में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य ट्रैफिक जाम को कम करना और शहर के जलमार्गों के ज़रिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

वीडियो में यात्री बताता है कि कोच्चि वॉटर मेट्रो का टिकट क़रीब ₹40 का है, जो इसे रोज़ाना यात्रा करने वालों और पर्यटकों—दोनों के लिए एक किफ़ायती विकल्प बनाता है। वह सफर की स्मूदनेस की भी तारीफ़ करता है और कहता है कि यात्रियों को यह महसूस ही नहीं होता कि वे पानी के ऊपर यात्रा कर रहे हैं।

वॉटर मेट्रो फिलहाल 10 द्वीपों में संचालित हो रही है और इसके लिए 15 रूट की योजना बनाई गई है। इसका मकसद कोच्चि के अलग-अलग हिस्सों को जलमार्गों के ज़रिए जोड़ना है, जिससे यात्रा समय घटे और सड़कों पर भीड़ कम हो।आधुनिक सुविधाओं से लैसवीडियो में वॉटर मेट्रो बोट्स के अंदर उपलब्ध सुविधाओं को भी खास तौर पर दिखाया गया है। इनमें:एयर-कंडीशन्ड सीटिंगफ्री वाई-फाईमोबाइल चार्जिंग पॉइंटयात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेटशामिल हैं।

यात्री का कहना है कि सफर का अनुभव बेहद आरामदायक और आधुनिक है, जो देश की अन्य मेट्रो सेवाओं जैसा ही महसूस होता है।सुंदर नज़ारों ने जीता दिलवायरल वीडियो का एक और बड़ा आकर्षण सफर के दौरान दिखने वाला प्राकृतिक नज़ारा है। यात्री आसपास के माहौल को शांत, सुंदर और सुकून देने वाला बताता है। उसका कहना है कि भारत जैसे देश में ऐसी आधुनिक जल परिवहन व्यवस्था का होना गर्व की बात है।मेड इन इंडिया और टिकाऊ परिवहनकोच्चि वॉटर मेट्रो पूरी तरह मेड इन इंडिया परियोजना है और यह देश के सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट पर बढ़ते फोकस को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में भारत के अन्य तटीय और जलमार्ग वाले शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।