(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। न जाने उनकी समझ में क्या आया और क्या सोचा उनसे और निकल पड़ी जर्मनी से सीरिया की तरफ ।। अब तक मिली रही जानकारी के अनुसार किसी ने उसको बहकाया था और वो सब बताया था जो किसी को आतंक की राह पर ले जाने से पहले बताया जाता है । उसको तमाम तरफ के जमीन और आसमान के सपने दिखाए गये और न जाने किस किस प्रकार के प्रलोभन दिए गये । पर आख़िरकार वो सब कुछ झूठा साबित हुआ और अब वो बहा रही है खून के आंसू । ध्यान देने योग्य है कि आतंक बनने की चाह में सिर्फ 15 वर्ष की उम्र में घर छोड़ कर इस्लामिक आतंकी दल आईएसआईएस में शामिल होने वाली जर्मनी की लियोनोरा को अब अपने फैसले पर पछतावा हो रहा है। वो दहाड़े मार मार कर रो रहीं हैं और अमेरिकी फौजियों से खुद को उनके घर जर्मनी भेज देने की मांग कर रही हैं । आज के लगभग 4 वर्ष पहले सन 2015 में वह चुपके से बिना किसी को बताये ही अपने घर से भाग गई थीं और आईएसआईएस में शामिल हो गई थीं।अभी आज के समय उसी लियोनोरा की उम्र 19 वर्ष है और वह दो बच्चों की मां भी बन चुकी है। अब लियोनोरा अपने घर वापस लौट रही हैं। इस समय सीरिया में रह रही लियोनोरा कहती हैं कि अब समय आ गया है जब घर लौट जाया जाए। फिलहाल वह सीरिया के एक गांव बाघहोउज में हैं। ये गाँव अमेरिकी सेना के कब्जे में है जहाँ पर पहले ISIS के आतंकियों का कब्जा था जिनको वहां से खदेड़ दिया गया है । बाघहोउज गांव में लियोनोरा की ही तरह हजारों महिलाएं और उनके बच्चे हैं जिनके भविष्य का कुछ भी पता नहीं हैं। लियोनोरा हमेशा घर पर रहतीं, खाना पकाती, सफाई करतीं और इस तरह के कामों में लगा दी गयी थीं । अमेरिकी सेनाओं ने लियोनोरा के पति को हिरासत में ले लिया है। लियोनोरा ने कहा, ‘अब मैं अपने परिवार के पास जर्मनी जाना चाहती हूं क्योंकि मुझे अपनी पुरानी जिंदगी जीनी है।’ इसके बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि यह मेरी बहुत ही बड़ी गलती थी।’