(न्यूज़लाइवनाउ-kerala) केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने कई महत्वपूर्ण सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया। खास तौर पर पार्टी द्वारा उतारे गए एक ईसाई प्रत्याशी की जीत ने सबका ध्यान आकर्षित किया। यह जीत इस बात का संकेत है कि पार्टी अब पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर अलग-अलग समुदायों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
IUML के वरिष्ठ नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की और एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की। उनकी जीत पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है।दूसरी ओर, कुछ सीटों पर पार्टी को निराशा भी हाथ लगी। एरनाड सीट से जुड़े रुझानों में मुजीब रहमान पीछे रहे और जीत हासिल नहीं कर सके, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सभी क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन समान नहीं रहा।
इस चुनाव में IUML ने नई रणनीति अपनाते हुए विभिन्न समुदायों के उम्मीदवारों को टिकट दिया था। पहले जहां पार्टी को एक खास समुदाय तक सीमित माना जाता था, वहीं अब वह अपनी छवि को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
कुल मिलाकर, केरल चुनाव 2026 के नतीजों ने यह दिखाया कि IUML अपनी पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़ते हुए सामाजिक विविधता को अपनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, कुछ सीटों पर हार यह भी दर्शाती है कि पार्टी को अभी कई क्षेत्रों में अपनी रणनीति को और मजबूत करना होगा।