(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : नार्थ साउथ कॉरिडोर के 23 किमी. पैच में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा छोटी बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें कॉल्विन के पास बाइक से टक्कर रही हो या आलमबाग में सरिया गिरने का मामला रहा हो। एक बार फिर मंगलवार को ऑटो ड्राइवर के टक्कर से गिरी बेरीकेडिंग से रुबीना का पैर टूट गया। उसका इंदिरा नगर स्थित निजी अस्पताल बुधवार को ऑपरेशन भी है। सवाल खड़ा होता है कि जब दो सौ से अधिक मार्शल तैनात है और बैरीकेडिंग सड़कों पर बोल्ट से कसी हैं तो दुर्घटनाएं कैसे हो रही है। वहीं पूरी घटना करके ऑटो ड्राइवर भी फरार हो जाता है और मेट्रो साइट पर काम कर रहे कर्मी अंजान रहते हैं।सूत्रों के मुताबिक मंगलवार की सुबह निशातगंज के पास स्थित करामत स्कूल के पास अज्ञात ऑटो ड्राइवर बैरीकेडिंग में टक्कर मार देता है। बैरीकेडिंग रुबीना पुत्री अनिल कुमार के पैर पर गिर जाती है। आनन-फानन उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। इंदिरा नगर स्थित निजी अस्पताल के डाक्टरों ने बताया कि पैर में चोट गंभीर आई है। बुधवार को रुबीना का ऑपरेशन किया जाना है।उधर मेट्रो एमडी शनिवार को होने वाली हर विजिट में संरक्षा को लेकर निर्देश देते हैं, फिर भी लोग घायल हो रहे हैं। चंद दिन पहले हनुमान सेतु पर क्रेन भी गिरी थी। एमडी ने गंभीरता से लेते हुए लाखों रुपये का जुर्माना संबंधित कार्यदायी संस्था पर लगाया था। उद्देश्य था कि सुधार हो, लेकिन दुर्घटनाएं नहीं थम रहीं। हालांकि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ था। यही नहीं, हजरतगंज में भी मजदूर चंद दिनों पहले कार्य करते वक्त घायल हो गया था। यह सब इतना एहतियात बरतने के बाद हो रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार अफसर साइड पर कितना जाते हैं। मेट्रो की लापरवाही से हादसा नहीं हुआ है। ऑटो ड्राइवर ने बैरीकेडिंग में टक्कर मारी दी थी, जिससे बैरीकेडिंग लड़की के पैर पर गिर गई। मेट्रो की कार्यदायी संस्था के जरिए पूरा इलाज करवाया जाएगा।