(न्यूज़लाइवनाउ-Chandigarh) किसानों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी कर ली है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की ओर से 1 सितंबर से चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर लगातार धरना शुरू किया जा रहा है। यह प्रदर्शन 7 सितंबर तक जारी रहेगा। किसान इस दौरान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान सेक्टर 48-49 से एयरपोर्ट की ओर जाने वाली सड़क के एक हिस्से को रोके जाने की योजना है। इससे इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है। किसान नेताओं के मुताबिक, यह चंडीगढ़ बॉर्डर पर SKM का अब तक का प्रमुख प्रदर्शन होगा।
पानी और कर्ज से जुड़े मुद्दे प्रमुख
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल के अनुसार आंदोलन में पानी से जुड़े पुराने समझौतों को समाप्त करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। इसके साथ ही किसानों के कर्ज से राहत और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य मसलों पर भी सरकार का ध्यान खींचा जाएगा।
गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा भी आंदोलन के केंद्र में रहेगा। किसानों की मांग है कि गन्ने की फसल का भुगतान उचित दर पर और समय पर किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों पर भी जताएंगे विरोध
किसान संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों से जुड़े विषयों को भी आंदोलन में शामिल किया है। उनका कहना है कि ऐसे समझौतों का कृषि और किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सरकार से चर्चा जरूरी है।
राजेवाल ने बताया कि मोर्चे के दौरान किसानों की मांगों पर रोजाना चर्चा होगी। संगठन की ओर से संकेत दिया गया है कि यदि सरकार बातचीत के लिए आगे आती है तो किसान प्रतिनिधि वार्ता के लिए तैयार रहेंगे।
धरनास्थल पर ही होगी लंगर की व्यवस्था
SKM ने करीब एक सप्ताह तक चलने वाले इस आंदोलन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसान अपने साथ लंगर के लिए जरूरी सामान भी लेकर पहुंचेंगे। धरनास्थल पर ही भोजन तैयार करने और किसानों के लिए व्यवस्था बनाए रखने की योजना है।किसान नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल धरना देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें किसानों की लंबित मांगों को लेकर लगातार विचार-विमर्श और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।