(न्यूज़लाइवनाउ-India) पिछले अप्रैल में समाप्त हुए संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यकुशलता सिर्फ 18 प्रतिशत रही थी। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार राज्यसभा की कार्यप्रणाली बेहतर रही और इस सदन की उत्पादकता 119 प्रतिशत दर्ज की गई।
अब संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से आरंभ होने जा रहा है। इस सत्र में केंद्र सरकार आठ अहम विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इनमें मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने से संबंधित विधेयक भी शामिल है। इससे यह स्पष्ट होता है कि फिलहाल केंद्र सरकार की मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटाने की कोई मंशा नहीं है। विदित हो कि राज्य में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, और इसके विस्तार के लिए हर छह महीने में संसद से अनुमति प्राप्त करनी होती है। मौजूदा कार्यकाल 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है।
मानसून सत्र में सरकार जो विधेयक पेश कर सकती है, उनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल हैं: मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025, कराधान विधियां (संशोधन) विधेयक, 2025, भू-विरासत स्थलों एवं अवशेषों के संरक्षण से जुड़ा विधेयक, 2025, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक, 2025
साथ ही, लोकसभा में गोवा में अनुसूचित जनजाति के लिए विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन संबंधी विधेयक, 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025 और आयकर विधेयक, 2025 को भी पारित किए जाने की संभावना है।
बजट सत्र में कितना हुआ था काम?
गौरतलब है कि बीते बजट सत्र में, जो अप्रैल में समाप्त हुआ, लोकसभा की कार्यकुशलता बेहद कम—महज 18 प्रतिशत—रही थी। वहीं, राज्यसभा में अपेक्षाकृत बेहतर कार्य हुआ और उत्पादकता 119 प्रतिशत रही। इस अवधि में कुल 16 विधेयक दोनों सदनों में पारित किए गए। हंगामों के बावजूद, संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को भी मंजूरी मिल गई थी।