(न्यूज़लाइवनाउ-India) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार (29 अक्टूबर 2025) को राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरने जा रही हैं। यह वही अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।
राष्ट्रपति इस विशेष उड़ान के लिए अंबाला वायुसेना स्टेशन पहुंचेंगी, जहां राफेल का दो-सीटर ट्रेनर वर्जन तैयार रहेगा। राष्ट्रपति भवन ने उनके दौरे और उड़ान को लेकर आधिकारिक सूचना जारी की है।
अंबाला एयरबेस पर तैनात गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन (17वीं यूनिट) ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी। इसी स्क्वाड्रन के राफेल विमानों ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए थे। इन हमलों में बड़ी संख्या में आतंकी ढेर हुए थे, जिनमें जैश सरगना मसूद अजहर के परिजन भी शामिल थे।
विंग कमांडर शिवानी को लेकर फैलाई गई थी गलत खबरें
वायुसेना दिवस (8 अक्टूबर) पर एयर चीफ मार्शल ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में योगदान देने के लिए गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया था। स्वतंत्रता दिवस पर इस यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वहीं, राफेल उड़ाने वाली विंग कमांडर शिवानी को एयरफोर्स अकादमी में इंस्ट्रक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है।
ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने झूठा दावा किया था कि विंग कमांडर शिवानी को उसने बंदी बना लिया है, लेकिन यह पूरी तरह गलत साबित हुआ।
राष्ट्रपति की उड़ान का खास उद्देश्य
राष्ट्रपति मुर्मू का राफेल में उड़ान भरना भारतीय वायुसेना की क्षमता, साहस और नारी शक्ति को सलाम करने का प्रतीक माना जा रहा है। यह दूसरी बार होगा जब कोई भारतीय राष्ट्रपति किसी फाइटर जेट में उड़ान भरेंगी। इससे पहले 2023 में उन्होंने असम के तेजपुर एयरबेस पर सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी।