(न्यूज़लाइवनाउ-India) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार की रात को कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक पश्चिम एशिया में हाल ही बढ़े तनाव और वहां उत्पन्न जटिल स्थितियों की गंभीरता को देखते हुए बुलाई गई थी।
बैठक में सीसीएस के वरिष्ठ सदस्य — रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री समेत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और अन्य शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा भारत के रणनीतिक हित, वैश्विक हालात और विशेषकर वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा थी।
केंद्रित मुद्दे
- बैठक में पश्चिम एशिया में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर विचार किया गया।
- विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों के बारे में चर्चा हुई जो संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में रहते हैं या अचानक वहाँ फँसे हैं।
- भारत की स्थिति तब और जटिल हुई है जब हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ान सेवाओं में व्यवधान आया है, जिससे कई लोग प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर रुक गए हैं।
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रभाव, जो तेल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है, उस पर भी समीक्षा की गई।
- ईरान में करीब 10,000 भारतीय, और इज़राइल में लगभग 40,000 भारतीय नागरिक रहते हैं, जबकि कुल मिलाकर खाड़ी और आसपास के देशों में करोड़ों भारतीय निवास करते हैं।
- सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार किया कि यदि स्थिति और खराब होती है तो भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए योजना बनाई जा सके।
- विदेश मंत्रालय के अनुसार क्षेत्र में भारतीय मिशन सक्रिय हैं और हेल्पलाइन नंबर चालू कर दिए गए हैं ताकि नागरिकों को सहायता मिले।
पिछले घटनाक्रमों का प्रभाव
मोदी सरकार की यह बैठक ऐसे समय में हुई जब संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद ईरान में जारी तनाव के चलते वहां के सर्वोच्च नेता की मौत की खबर ने स्थिति को और गहरा कर दिया। इससे क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़े हैं।