अटल टनल की इंजीनियरिंग से प्रभावित हुईं राष्ट्रपति मुर्मू, बीआरओ के जवानों की मेहनत को सराहा

(न्यूज़लाइवनाउ-Himachal Pradesh) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को रोहतांग स्थित अटल टनल का दौरा किया। हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में निर्मित इस सुरंग को देखकर राष्ट्रपति ने इसकी तकनीकी दक्षता और निर्माण में सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारियों व जवानों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने अटल टनल को वैश्विक स्तर की इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि अटल टनल भारत की तकनीकी क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों में वर्षभर संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनके अनुसार, इस परियोजना ने दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में कनेक्टिविटी को नया आयाम दिया है।

बीआरओ के समर्पण की राष्ट्रपति ने की तारीफ

अटल टनल के निरीक्षण के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों से सुरंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां लीं। उन्होंने इसके निर्माण और रखरखाव से जुड़े अधिकारियों व जवानों की मेहनत तथा समर्पण की सराहना की।

कठिन पहाड़ी भूभाग, मौसम की चुनौती और ऊंचाई वाले क्षेत्र में इस सुरंग का निर्माण अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जाता है। अटल टनल ने मनाली और लाहौल-स्पीति के बीच संपर्क को काफी सुगम बनाया है।

सालभर मनाली को लाहौल-स्पीति से जोड़ती है सुरंग

रोहतांग दर्रे के नीचे बनी अटल टनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2020 में किया था। इसके बनने के बाद मनाली से लाहौल-स्पीति तक सड़क संपर्क को वर्षभर बनाए रखने में बड़ी मदद मिली है। पहले भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में यह क्षेत्र लंबे समय तक देश के बाकी हिस्सों से कट जाता था।

सुरंग ने स्थानीय लोगों के आवागमन के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा दिया है। इसके अलावा सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच आसान होने के कारण इसे सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है।

कठिन हिमालयी परिस्थितियों में बनी महत्वपूर्ण परियोजना

अटल टनल का निर्माण चुनौतीपूर्ण हिमालयी भूभाग में किया गया है। यही वजह है कि इसे देश की उल्लेखनीय इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में गिना जाता है। राष्ट्रपति के दौरे से एक बार फिर इसकी इंजीनियरिंग क्षमता, रणनीतिक उपयोगिता और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भूमिका चर्चा में आ गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 6 से 8 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। 6 अक्टूबर को उन्होंने बिलासपुर स्थित एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया था, जबकि 7 अक्टूबर को उनके कार्यक्रम में अटल टनल रोहतांग का दौरा शामिल था।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मनाली और अटल टनल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई। प्रशासन ने यातायात को नियंत्रित करने के साथ विभिन्न मार्गों पर सुरक्षा प्रबंध किए। राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान आम वाहनों की आवाजाही पर भी समयानुसार प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए।

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