अगर आपका खाता भारतीय स्टेट बैंक में है तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने कई नियमों में बदलाव कर दिया है. ये बदलाव 1 अक्टूबर यानी आज से लागू हो रहे हैं. आइए एक नजर इन नए नियमों पर डालते हैं:
एसबीआई ने बचत खातों में न्यूनतम औसत मासिक शेष (एमएबी) को 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया था. यह नया नियम 1 अक्टूबर से प्रभाव में आ गया है. एसबीआई ने पेंशनभोगियों, सरकार की सामाजिक योजनाओं के लाभार्थियों तथा नाबालिग खाताधारकों को बचत खाते में न्यूनतम बकाये की सीमा से छूट दी है. गौरतलब है कि इस साल अप्रैल में एसबीआई ने पांच साल बाद नए सिरे से न्यूनतम मासिक शेष और शुल्कों को फिर से लागू किया था. महानगरों के लिए न्यूनतम शेष सीमा 5,000 रुपये रखी गई थी, वहीं शहरी और अर्द्धशहरी शाखाओं के लिए यह सीमा क्रमश: 3,000 और 2,000 रुपये तथा ग्रामीण शाखाओं के लिए 1,000 रुपये रखी गई थी. बैंक ने कहा कि हमने महानगरों ओर शहरी केंद्रों को एक श्रेणी में रखने का फैसला किया है. इन क्षेत्रों में अब 3,000 रुपये की सीमा लागू होगी. हालांकि ग्राहकों द्वारा विरोध किए जाने पर बैंक ने इन दरों को घटा दिया है.
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के पांच पूर्व सहयोगी बैंक एवं भारतीय महिला बैंक के चेक 30 सितंबर 2017 के बाद मान्य नहीं होंगे. कुछ दिन पहले एसबीआई ने अपने ट्विटर हैंडल पर जानकारी देते हुए ग्राहकों से नई चेक बुक के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या फिर शाखा में जाकर आवेदन करने का आग्रह किया था. सहायक बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रवणकोर और भारतीय महिला बैंक शामिल हैं.
देश के सबसे बड़े बैंक ने इसके साथ ही इस सीमा का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना भी घटा दिया है. संशोधित सीमा अनिवार्यता और शुल्क 1 अक्टूबर से लागू हो गई है. बैंक ने जुर्माना राशि को 20 से 50 फीसदी तक कम किया है. बैंक ने कहा कि अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह शुल्क या जुर्माना राशि 20 से 40 रुपये के दायरे में होगी. वहीं शहरी और महानगर के केंद्रों के लिए यह 30 से 50 रुपये होगी.
एसबीआई में अभी तक खाता बंद करने पर चार्ज लिया जाता था लेकिन अब 1 अक्टूबर से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. हालांकि यह सुविधा खाता खोलने के कम से कम 14 दिन तक और एक साल बाद ही खाता बंद करने पर मिलेगी. 14 दिन के बाद और 1 साल से पहले बंद करने पर 500 रुपये और जीएसटी लगेगा.