(न्यूज़लाइवनाउ-Iran) पश्चिम एशिया में अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों ने संयुक्त रूप से ईरान के विभिन्न इलाकों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए, जिससे तेहरान समेत कई क्षेत्रों में अचानक धमाके और विस्फोट दर्ज किए गए।
युद्ध की ताज़ा स्थिति
- तेहरान में लगातार विस्फोट: ईरान की राजधानी और दूसरी प्रमुख जगहों से लगातार तेज धमाकों की आवाज़ें सुनाई दी जा रही हैं, जो यह संकेत देती हैं कि संघर्ष अभी भी जारी है।
- हमलों का विस्तार: इज़राइली सेना का दावा है कि ईरान की तरफ से मिसाइलें और ड्रोन फिर इज़राइल की ओर भेजे जा रहे हैं, जिनकी वायु रक्षा प्रणाली जवाब दे रही है। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की सलाह दी गई है।
राजनीतिक बयान और कूटनीतिक दूरी
- ईरान की आलोचना: ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों की कड़ी निंदा की है, कहा कि अमेरिका अब ‘अमेरिका फर्स्ट’ से ‘इज़राइल फर्स्ट’ नीति पर काम कर रहा है और अमेरिकी सैनिकों को इस संघर्ष में बलिदान दिया जा रहा है।
- कोई समझौता नहीं: ईरानी अधिकारियों ने साफ़ कहा है कि तेहरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार के समझौते या बातचीत में शामिल नहीं होगा और देश अपनी पोजीशन पर दृढ़ रहेगा।
शत्रुता के फैलते असर
- दोहा और कुवैत में हमले: कतर की राजधानी दोहा में कई विस्फोट नजर आए, जबकि कुवैत में एयर रक्षा सायरन बजे। वहाँ के अधिकारी बताते हैं कि ड्रोन और मिसाइल के अधिकांश प्रयासों को समय पर रोका गया, लेकिन खतरे के मद्देनज़र सतर्कता आवश्यक है।
- सैन्य बैठक: ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद की बैठक हुई जिसमें देश के शीर्ष नेतृत्व ने आगे की कार्रवाई और स्थिति पर चर्चा की।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएँ
- लेबनान से बयान: लेबनान के राष्ट्रपति ने हिज़बुल्लाह और इज़राइल की हालिया कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है और आग्रह किया है कि उनका देश क्षेत्रीय संघर्ष में न फँसे।
- ब्रिटेन के ठिकाने पर हमला: ईरान समर्थित ड्रोन ने साइप्रस में स्थित ब्रिटिश एयरबेस पर हमला किया, हालांकि नुकसान सीमित बताया गया है और सुरक्षा उपायों को लागू किया गया है।