महाराष्ट्र की राजनीति के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मुंबई के अस्पताल में उपचार करा रहे शरद पवार की तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उनके डिस्चार्ज होने से समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली है।
घर पहुंचते ही नेताओं का लगा जमावड़ा, पार्थ पवार समेत कई नेताओं ने जाना हाल
शरद पवार के मुंबई स्थित आवास ‘सिल्वर ओक’ पहुंचने के बाद उनसे मिलने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। उनके ग्रैंड नेफ्यू पार्थ पवार सबसे पहले उनसे मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ नेता का कुशलक्षेम जाना और जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की।
इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे भी उनसे मिलने पहुंचे। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी पवार से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
पुणे से मुंबई तक चला इलाज का सिलसिला
शरद पवार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सबसे पहले 2 नवंबर को पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। यहां 4 नवंबर तक उनका उपचार चला। इसके बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर उन्हें उसी दिन आगे के इलाज के लिए मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी रहा। शनिवार सुबह स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉक्टरों ने दी आराम करने और सावधानी बरतने की सलाह
डॉक्टरों के मुताबिक, शरद पवार की हालत फिलहाल स्थिर है। ब्रोंकाइटिस और सीने के संक्रमण में भी सुधार देखने को मिला है। हालांकि, 85 वर्ष की उम्र को ध्यान में रखते हुए उन्हें कुछ विशेष सावधानियां बरतने और घर पर ही दवाइयों के साथ उपचार जारी रखने की हिदायत दी गई है।
चिकित्सकों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। डॉक्टरों ने भरोसा जताया है कि पवार चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करते हुए जल्द बेहतर महसूस करेंगे।
NCP के दोनों गुटों के विलय को लेकर भी गरमाई चर्चा
शरद पवार की बीमारी के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों के संभावित एकीकरण को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर अलग-अलग नेताओं की ओर से दिए जा रहे बयानों में विरोधाभास को लेकर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि जनवरी में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद कुछ नेताओं ने दावा किया था कि दोनों गुटों के विलय को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई थी। लेकिन अब उन्हीं नेताओं की ओर से कहा जा रहा है कि अजित पवार जीवित होते तो फरवरी में दोनों दल एक हो चुके होते।
रोहित पवार ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के बदलते बयान पार्टी की प्रमुख सुनेत्रा पवार पर दबाव बनाने की कोशिश हैं?
प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल ही में एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल का शरद पवार से अस्पताल में मुलाकात का एक वीडियो सामने आया था। इसमें दोनों नेताओं के बीच 10 नवंबर के बाद बैठक करने को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है।
इसके बाद महाराष्ट्र एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे के विलय संबंधी बयान ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी। रोहित पवार ने इन घटनाक्रमों पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार और उसके सहयोगी दलों के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दिवंगत अजित पवार परिवार और पार्टी के दोनों धड़ों को एकजुट देखना चाहते थे। अब नेताओं के अलग-अलग बयानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।