(एन एल एन मीडिया-न्यूज़ लाइ व नाऊ) : सीरिया में लगातार चल रही अनिश्चितता और पिछले सप्ताह अमेरिका की अगुआई में हुए मिसाइल हमलों के कारण क्रूड ऑयल, सोना और जीरा के दाम बढ़ गए हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सीरिया में अस्थिरता और बढ़ी तो इन तीनों चीजों के भाव और तेजी से बढ़ेंगे। खास बात यह है कि जीरा और क्रूड की कीमतें अभी तो सिर्फ आशंका या अनुमान के कारण ही बढ़ रही हैं। अगले महीनों में सोने के भावों में और तेजी देखने को मिलेगी। बीते 15 दिनों में ही सोने के भाव बाजार में 2.85 फीसदी बढ़ चुके हैं। वहीं दूसरी ओर जीरे का मंडियों में भाव 16 हजार रुपए को पार कर गया है और इसमें 2.85 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। जबकि क्रूड ऑयल के अंतरराष्ट्रीय भाव 9.71 फीसदी बढ़ गए हैं। क्रूड का भाव 73 डॉलर के स्तर को पार कर गया है भारत में डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने के कारण दोहरी मार पड़ रही है। चूंकि भारत कच्चे तेल का दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, खरीदी डॉलर में की जाती है। डॉलर के मंहगे होने के कारण डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं। यही कारण है कि पेट्रोल और डीजल के भाव बीते साढ़े चार वर्षों में सर्वाधिक हो गए हैं। गौरतलब है कि सीरिया ऑर्गेनिक जीरा उत्पादन करने वाला विश्व का सबसे प्रमुख देश है इसके कारण सीरिया के जीरे की मांग कई देशों में रहती है। केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया के मुताबिक सीरिया संकट के कारण जीरा, सोना और क्रूड के भावों में तेजी है। जीरे का उत्पादन इस वर्ष पिछले वर्ष से बेहतर है फिर भी कीमतें बढ़ रही हैं। मई तक एक्सपोर्ट डिमांड के कारण भाव 17 सौ रुपए तक पहुंच सकते हैं। सीरिया से नया जीरा भी मई के अंत तक ही आ पाएगा। वहीं सोने के संबंध में केडिया ने कहा कि बीते तीन सालों से सोने का भाव एक दायरे में ही घूम रहा है और सोने में बेहतर रिटर्न नहीं मिल पा रहा था। सीरिया-अमेरिका-रूस, अमेरिका-चीन विवाद के कारण अनिश्चित माहौल, रूस-चीन के सेंट्रल बैंक के द्वारा सोने की खरीदी करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर कमजोर होने के कारण भविष्य में सोने की कीमतें बढ़ेंगी। बीते दो साल में तेल आयातक से निर्यातक बने अमेरिका की कोशिश होगी कि तेल की कीमतें न बढ़े लेकिन सीरिया संकट गहराता है तो ब्रेंट क्रूड ऑयल (यही क्रूड भारत आता है) का भाव अगले तीन माह में 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा के मुताबिक सिर्फ सीरिया संकट के कारण क्रूड ऑयल में चार डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही क्रूड ऑयल के बढ़ने के और भी कारण हैं, जिनमें रूस और सऊदी अरब के द्वारा प्रोडक्शन कम करने की बात और 80 डॉलर प्रति बैरल तक क्रूड के भाव पहुंचने जैसी घोषणाओं का भी हाथ है। वहीं दूसरी ओर 12 मई को अमेरिका के द्वारा ईरान के प्रतिबंध के संबंध में निर्णय लेने के कारण भी अनिश्चितता बनी हुई है।तनेजा के अनुसार 12 मई तक तो कम से कम भाव बढ़े हुए रहेंगे, साथ ही सीरिया को लेकर अगर टकराव बढ़ता है तो निश्चित रूप से क्रूड के भाव बढ़ जाएंगे। बाजार के सिद्धांत के हिसाब से कीमत नहीं बढ़नी चाहिए। कीमत बढ़ने के सब कारण राजनीतिक हैं। जीरा व्यापारी और कमोडिटी सलाहकार सुनील कुमार जांगिड़ के मुताबिक पिछले 15 दिनों में जीरे की कीमतें 250 रुपए प्रति क्विंटल तक मंडी में बढ़ गई हैं। सीरिया के संकट के कारण भावों में तेजी आ गई। भारत में पिछले वर्ष 55 लाख बैग उत्पादन की तुलना में इस वर्ष जीरे में 72 से 75 लाख बैग (एक बैग 55 किलो ग्राम) उत्पादन की उम्मीद है। भविष्य में जीरे की कीमतें 17500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती है।वहीं मोतीलाल ओसवाल कमोडिटी के एसोसिएट डायरेक्टर किशोर नार्ने के अनुसार अगले महीने तक क्रूड के भाव नीचे आने की उम्मीद नहीं है। क्रूड के भाव बढ़ने के साथ ही वैश्विक महंगाई भी बढ़ती है। इसलिए सोने की कीमतें भी ऊंची हैं। सोना अगले डेढ़ से दो साल में 40 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की कीमतें छू सकता है।एंजल ब्रोकिंग के मुख्य विश्लेषक कमोडिटी एंड करेंसी प्रथमेश माल्या के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता के कारण सोने और क्रूड के दामों में बढ़ोतरी हुई है। बीते 15 दिनों में क्रूड की कीमतें पांच फीसदी से अधिक बढ़ गई हैं। हालांकि बीते चार वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का उत्पादन सर्वोच्च स्तर पर है।