(न्यूज़लाइवनाउ-India) भारत और साइप्रस के रिश्तों को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई।
दोनों नेताओं ने व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस की मित्रता केवल मजबूत ही नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप भी है।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्य समूह बनाने, नवाचार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई समझौतों पर भी सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के बीच बढ़ता भरोसा आने वाले समय में आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए नई संभावनाओं का मार्ग खोल सकता है।
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत शांति स्थापना के हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा। साथ ही वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी दोनों देशों की सहमति बनी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, साइप्रस के राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में तेजी से प्रगति हुई है। चर्चा में रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फिनटेक, निवेश, संस्कृति और कनेक्टिविटी जैसे विषय भी प्रमुख रहे।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सम्मान और दीर्घकालिक सहयोग की भावना से जुड़े हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और अधिक व्यापक तथा प्रभावशाली बनेगी।