(न्यूज़लाइवनाउ-Himachal Pradesh) हिमाचल प्रदेश में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पदों से जुड़ी व्यवस्था में अहम बदलाव किया गया है। अब इन पदों पर नियुक्त व्यक्ति का कार्यकाल पदभार संभालने की तारीख से अधिकतम तीन वर्ष तक रहेगा। हालांकि, यदि इससे पहले संबंधित अधिकारी 65 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो उसका कार्यकाल उसी समय समाप्त हो जाएगा। यानी दोनों में से जो अवधि पहले पूरी होगी, वही प्रभावी होगी।
राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2026 में जारी भर्ती विज्ञापन में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के रिक्त पदों के लिए यही कार्यकाल निर्धारित किया गया है। विज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि इन पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार का सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठित होना और कानून, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंचार अथवा प्रशासन एवं शासन जैसे क्षेत्रों में व्यापक ज्ञान और अनुभव होना जरूरी है।
किन शर्तों को पूरा करना होगा
नियुक्ति के लिए पात्र व्यक्ति संसद या किसी राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा का सदस्य नहीं होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं होना चाहिए और न ही किसी लाभ के पद पर होना चाहिए। विज्ञापन के मुताबिक संबंधित व्यक्ति कोई व्यवसाय या पेशा भी नहीं कर रहा होना चाहिए।
लंबे समय से खाली हैं महत्वपूर्ण पद
हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पद लंबे समय से रिक्त रहे हैं। इससे आयोग के कामकाज और आरटीआई से जुड़े मामलों की सुनवाई प्रभावित होने की जानकारी सामने आई थी। जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक आयोग लगभग एक साल से निष्क्रिय था और बड़ी संख्या में द्वितीय अपील तथा शिकायतें लंबित थीं।
सरकार ने इन पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। बाद में प्रशासनिक सुधार विभाग ने चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए समिति के गठन से संबंधित अधिसूचना भी जारी की। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर 17 अगस्त 2026 को चयन समिति के गठन की सूचना दर्ज है।
धर्मशाला स्थानांतरण के कारण दोबारा मांगे गए थे आवेदन
सरकार ने जनवरी 2026 में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पदों के लिए नए सिरे से आवेदन आमंत्रित किए थे। आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग के कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने के नीतिगत निर्णय के चलते नई आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी।
इस बदलाव के बाद अब आयोग में होने वाली नियुक्तियों में तीन वर्ष की अधिकतम अवधि और 65 वर्ष की आयु सीमा दोनों लागू रहेंगी। इससे पद की अवधि पहले की तुलना में स्पष्ट और निश्चित रूप से निर्धारित हो गई है।