(न्यूज़लाइवनाउ-Assam) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के काजीरंगा में 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने वर्चुअल माध्यम से दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
अपने दो दिवसीय असम दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने करीब 6,957 करोड़ रुपये की इस अहम परियोजना की नींव रखी। इस अवसर पर उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने कहा, “आज फिर काजीरंगा आने का सौभाग्य मिला है। यह स्थान मेरे लिए हमेशा खास रहा है। दो साल पहले यहां बिताए गए पल मेरे जीवन की अनमोल यादों में शामिल हैं। उस समय मुझे काजीरंगा नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम और अगले दिन एलिफेंट सफारी का अनुभव करने का मौका मिला था, जिसने मुझे इस क्षेत्र की खूबसूरती से रूबरू कराया।”
उन्होंने आगे कहा कि असम आकर उन्हें हमेशा अलग ही ऊर्जा और आनंद का अनुभव होता है।
सोशल मीडिया पर छाया बोड़ो नृत्य
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सराहना करते हुए कहा, “कल से मैं देख रहा हूं कि बोड़ो परंपरा का यह अद्भुत नृत्य सोशल मीडिया पर कितना लोकप्रिय हो गया है। इसके लिए मैं सभी को बधाई देता हूं।”
सभा के दौरान कुछ युवा कलाकार अपने बनाए हुए चित्र और स्केच लेकर आए थे। पीएम मोदी ने उन्हें देखकर अपना भाषण बीच में रोकते हुए कहा,
“ये मित्र काफी देर से चित्र लेकर खड़े हैं, थक गए होंगे। इन्हें आगे भेजिए, मैं खुद इनके चित्र ले लूंगा। अगर पीछे पता लिखा होगा, तो मेरी ओर से पत्र जरूर पहुंचेगा।”
‘भाजपा बनी देश की नंबर-1 पसंद’
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज भाजपा पूरे देश में लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। बीते एक-डेढ़ सालों में पार्टी पर जनता का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। हाल ही में बिहार में हुए चुनावों में 20 साल बाद भी लोगों ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट और सीटें दीं। महाराष्ट्र के बड़े शहरों में हुए मेयर और पार्षद चुनावों में भी पहली बार भाजपा को ऐतिहासिक जनादेश मिला है। केरल के नगर निगम चुनावों में भी पार्टी को व्यापक समर्थन मिला और तिरुवनंतपुरम में पहली बार भाजपा का मेयर बना।”
उन्होंने कहा कि इन नतीजों से साफ है कि आज देश सुशासन और विकास चाहता है।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस का जन्म मुंबई में हुआ था, लेकिन आज उसी शहर में वह चौथे-पांचवें स्थान पर सिमट चुकी है। देश का भरोसा कांग्रेस से उठ चुका है, क्योंकि उसके पास कोई ठोस विकास एजेंडा नहीं है।”
काजीरंगा सिर्फ पार्क नहीं, असम की पहचान है
प्रधानमंत्री ने काजीरंगा को असम की आत्मा बताते हुए कहा, “काजीरंगा केवल एक नेशनल पार्क नहीं, बल्कि भारत की जैव विविधता का अनमोल खजाना है। इसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है। यहां के वन्यजीवों की सुरक्षा सिर्फ पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि असम की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की जिम्मेदारी भी है।”
उन्होंने बताया कि हर साल ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ने पर जानवर ऊंचे इलाकों की ओर पलायन करते हैं, जिससे कई बार गैंडे और हाथी सड़कों पर फंस जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए करीब 90 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जिस पर लगभग 7,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक यहां के लोगों को लगता था कि देश का विकास कहीं और हो रहा है और वे पीछे छूट रहे हैं।
“हमने इस सोच को बदलने का प्रयास किया। नॉर्थ ईस्ट के विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया। रेल कनेक्टिविटी यहां बेहद जरूरी थी, लेकिन पिछली सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। हमने इसे मजबूत किया।”
35 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर का शिलान्यास
प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कालीबोर में 35 किलोमीटर लंबे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर सहित कई अहम विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। यह कॉरिडोर विशेष रूप से मानसून के दौरान जानवरों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही नई अमृत भारत ट्रेनें असम के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी देंगी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि काजीरंगा कॉरिडोर वन्यजीव संरक्षण और कनेक्टिविटी—दोनों के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं असम के विकास की रफ्तार को और तेज करेंगी।
इस 6,957 करोड़ रुपये की परियोजना से न केवल काजीरंगा नेशनल पार्क के जानवरों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जाएगा, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने 86.67 किलोमीटर लंबे दो-लेन मार्ग को चार लेन में बदलने और 34.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है।
दो अमृत भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री मोदी ने दिब्रूगढ़–गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या–रोहतक रूट की दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को वर्चुअल माध्यम से रवाना किया। इसके बाद उन्होंने कालीबोर में जनसभा को संबोधित किया और फिर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए।
गौरतलब है कि पीएम मोदी इससे पहले 20 दिसंबर को भी असम आए थे। उस दौरान उन्होंने गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया था और मुख्यमंत्री गोपीनाथ बरदालोई की प्रतिमा का अनावरण किया था। साथ ही डिब्रूगढ़ में 10,601 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अमोनिया-यूरिया संयंत्र की आधारशिला भी रखी थी।
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