बुलंदशहर में हुए हाईवे कांड को लेकर कोर्ट ने 5 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

(न्यूज़लाइवनाउ–Uttar Pradesh) बुलंदशहर हाईवे कांड में दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद आरोपियों का फेमस होने का टूटा बुखार। सजा के तहत आरोपियों को अंतिम सांस तक जेल में ही रहना पड़ेगा।

कोर्ट ने बुलंदशहर हाईवे कांड का फैसला वारदात के 9 वर्ष, 4 माह और 25 दिन बाद सुनाया। दोषियों पर 1.81–1.81 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त जुबैर और साजिद ने जोर-जोर से चिल्लाते हुए खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि डीएनए जांच नहीं कराई गई।

कोर्ट का फैसला आते ही दोनों दोषियों के तेवर बदल गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि जहां ये दोनों लगातार हंगामा कर अपनी बेगुनाही का दावा करते रहे, वहीं उनके साथ मौजूद बाकी तीन दोषी पूरी कार्यवाही के दौरान मौन साधे बैठे रहे।

पिछले शनिवार को जब अदालत ने जुबैर, साजिद, धर्मवीर, नरेश और सुनील को दोषी ठहराया था, तब माहौल कुछ और ही था। कोर्ट परिसर से बाहर निकलते वक्त जुबैर और साजिद पुलिस हिरासत में रहते हुए भी मीडिया कैमरों की तरफ देखकर बेझिझक कहते सुनाई दिए थे, “हमें मशहूर कर दो।” लेकिन सोमवार को सजा सुनाए जाने के समय तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी थी। महज दो दिन पहले जो आरोपी चर्चा में बने रहने की ललक दिखा रहे थे, वही अब दंड के भय से गिड़गिड़ाते हुए दिखाई दिए।

झूठे मामले में फंसाया गया

सजा से पहले जब पुलिस दोषियों को अदालत परिसर की ओर ले जा रही थी, उसी दौरान जुबैर और साजिद अचानक शोर मचाने लगे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों और मीडिया की तरफ देखते हुए खुद को निर्दोष बताया और आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें झूठे मामले में फंसाया है। दोनों लगातार यह सवाल उठाते रहे कि अगर वे सच में दोषी थे, तो उनका डीएनए परीक्षण क्यों नहीं कराया गया।

जहां जुबैर और साजिद लगातार हंगामा कर खुद को बेगुनाह बताने में लगे थे, वहीं धर्मवीर, नरेश और सुनील पूरी तरह शांत दिखाई दिए। इन तीनों ने न मीडिया से कोई बातचीत की और न ही पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कोई प्रतिक्रिया दी। उनकी यह चुप्पी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी रही। इसी बीच पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी दोषियों को अदालत की हवालात तक पहुंचाया।

और खबरों के लिए हमें फॉलो करें Facebook पर।

BulandshahrUP Newsup police