(न्यूज़लाइवनाउ-Odisha) बुधवार को ओडिशा विधानसभा के बाहर उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब एक छात्रा की दर्दनाक मौत के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने जब पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की, तो हालात काबू में लाने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
यह विरोध प्रदर्शन एक 22 वर्षीय छात्रा की मौत के खिलाफ था, जिसने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद आत्मदाह कर लिया था। बताया जा रहा है कि छात्रा बालासोर के फकीर मोहन स्वायत्त कॉलेज की छात्रा थी और उसने कॉलेज के एक वरिष्ठ शिक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। सोमवार देर रात एम्स भुवनेश्वर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
प्रदर्शन में छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। सभी का आक्रोश कॉलेज प्रशासन और सरकार की कार्यशैली को लेकर था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरोपी शिक्षक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और कॉलेज प्रबंधन की भूमिका की गहन जांच हो। घटना के मद्देनजर राजधानी भुवनेश्वर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि हालात पर नियंत्रण रखा जा सके।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते देखा जा सकता है, जबकि पुलिस बल उन पर पानी की बौछारें और आंसू गैस छोड़ता दिख रहा है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
हालांकि मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने पहले ही इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और पीड़िता के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुआवजा काफी नहीं है। वे दोषी प्रोफेसर की गिरफ्तारी और कॉलेज प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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