(न्यूज़लाइवनाउ-India) सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह कोई सामान्य टिप्पणी नहीं थी बल्कि इसमें आपने तड़का लगाया है। अदालत ने सवाल किया कि आपकी इन बातों पर आपका क्या पक्ष है? ऐसी स्थिति में इस टिप्पणी की व्याख्या को खारिज करने वाली अर्जी स्वीकार्य नहीं हो सकती।
यह साधारण पोस्ट नहीं था
बीजेपी सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। मामला किसान आंदोलन से जुड़ी उनकी सोशल मीडिया पोस्ट का है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह साधारण पोस्ट नहीं था बल्कि इसमें अतिरिक्त रंग भरा गया था। अदालत ने कहा कि इसका औचित्य निचली अदालत में ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
कथित मानहानिकारक टिप्पणी को लेकर दर्ज शिकायत को खारिज करने की मांग वाली याचिका कंगना रनौत ने अंततः सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली।