दक्षिण भारत तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में तबाही मचाने के बाद ओखी चक्रवातीय तूफान अरब सागर की ओर बढ़ गया है। समुद्री तूफान के अरब सागर में दाखिल होने से मुंबई, कोकण की किनारपट्टी में समुद्र के रौद्र रूप में आने की आशंका है। इसके मद्देनजर मुंबई सहित कोकण किनारपट्टी के जिलाधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
ओखी तूफान के चलते सोमवार को दिनभर मुंबई सहित आसपास के इलाकों में बादल छाए रहे और शाम को बारिश भी हुई। मौसम विभाग ने जारी अपने बयान में कहा कि फिलहाल, ओखी अरब सागर में 690 किमी मुंबई के दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और गुजरात के सूरत से 870 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में है। लेकिन, चार से छह दिसंबर तक विशेष सतर्क रहने को कहा गया है।
इसके मद्देनजर मुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के पांच जिलों मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग में स्कूल-कॉलेज बंद रखा गया है। राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।
महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, रायगढ़, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी और पालघर जिले का अधिकांश इलाका अरब सागर से घिरा हुआ है, जहां ओखी तूफान का असर भयानक हो सकता है। इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। वहीं, लोगों को एहतियात बरतने की भी सलाह दी गई है।