(न्यूज़लाइवनाउ-India) पंजाब की राजनीति में चल रहे अंदरूनी मतभेदों के बीच आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय बन गई है। पहले राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा में तैनात पंजाब पुलिस के जवानों को हटा लिया था, जिससे यह मुद्दा काफी सुर्खियों में आ गया।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा वापस लेने के पीछे राजनीतिक कारण और पार्टी के भीतर बढ़ती दूरी को माना जा रहा है। इस फैसले के बाद राघव चड्ढा की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई गई, क्योंकि वे एक प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं।
इसी बीच खबर यह भी सामने आई है कि अब उन्हें फिर से उच्च स्तर की सुरक्षा, यानी Z कैटेगरी सुरक्षा, देने पर विचार किया जा रहा है। यह सुरक्षा आमतौर पर उन लोगों को दी जाती है जिनकी जान को संभावित खतरा माना जाता है।
सूत्रों के अनुसार, उनकी सुरक्षा को लेकर अंतिम फैसला खतरे के आकलन (थ्रेट परसेप्शन) के आधार पर लिया जाएगा। यदि सुरक्षा एजेंसियां इसे जरूरी मानती हैं, तो उन्हें फिर से कड़ी सुरक्षा मुहैया कराई जा सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने AAP के अंदर चल रही खींचतान को भी उजागर कर दिया है। राघव चड्ढा ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है और पार्टी के भीतर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है।