जेएनयू हिंसा पर स्मृति ईरानी ने कहा : झूठ का हुआ पर्दाफाश।

पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पांच दिनों से चल रहे झूठ का पर्दाफाश हो गया है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) :   जेएनयू हिंसा पर भाजपा की क़द्दावर नेता स्मृति ईरानी और प्रकाश जावडेकर का बयान आया है। जेएनयू हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक की जांच के मुताबिक कुछ नाम सामने रखे हैं। इसमें जेएनयू स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष का नाम भी शामिल है। पुलिस द्वारा बताए गए नामों में तीन एबीवीपी और सात लेफ्ट से जुड़े हैं। पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पांच दिनों से चल रहे झूठ का पर्दाफाश हो गया है। वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने भी कहा कि जेएनयू के लेफ्ट का नकाब हट गया है। स्मृति इरानी ने कहा, ‘उन्होंने हाथापाई की, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जो कि हमारे देश के टैक्सपेयर्स के टैक्स से बनती है। छात्रों को रजिस्ट्रेशन कराने से रोका और परिसर को राजनीति का अखाड़ा बना दिया। अब दिल्ली पुलिस ने सच सामने ला दिया है।’ प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘पांच दिनों से लोग झूठ फैला रहे थे और आरोप एबीवीपी और बीजेपी पर लगा रहे थे। यह सच नहीं था। लेफ्ट संगठनों ने पहले से ही हिंसा की योजना बनाई थी। उन्होंने सीसीटीवी खराब कर दिए थे और सर्वर भी तोड़ दिया था।’ वहीं जेएनयू के वीसी एम जगदीश कुमार ने कहा है कि विंटर सेमेस्टर के लिए हजारों छात्र अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। जेएनयू प्रशासन छात्रों की सुविधा के लिए काम कर रहा है। छात्रों से वापस आने की अपील की जा रही है। शनिवार को पुलिस ने बताया कि हिंसा में शामिल 10 लोगों की पहचान कर ली गई है। इसमें जेएनयूएसयू प्रेजिडेंट आइशी घोष भी शामिल थीं। उन्हें नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। दिल्ली पुलिस ने सिलसिलेवार ढंग से जेएनयू के घटनाक्रम को बताया। पुलिस के मुताबिक पहले छात्रों को रजिस्ट्रेशन कराने से रोका गया और फिर सर्वर रूम में तोड़फोड़ हुई। 5 जनवरी को दिन में पहले पेरियार हॉस्टल में हमला हुआ। इसमें आइशी घोष भी शामिल थीं। इसके बाद नकाबपोशों ने साबरमती हॉस्टल पर हमला किया।

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