(न्यूज़लाइवनाउ-India) स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके समकक्ष रॉबर्ट फिको के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद भारत और स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को नई दिशा देने का निर्णय लिया। दोनों देशों ने साझेदारी को और मजबूत बनाते हुए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक युग में प्रौद्योगिकी किसी भी राष्ट्र की प्रगति का प्रमुख आधार है और भारत-स्लोवाकिया संबंधों में भी तकनीकी सहयोग केंद्रीय भूमिका निभाएगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच विश्वास, साझा हितों और भविष्य की संभावनाओं को इस नई साझेदारी की नींव बताया।
वार्ता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप इकोसिस्टम, रक्षा उत्पादन और औद्योगिक सहयोग जैसे विषय प्रमुख रहे। दोनों नेताओं ने उभरती तकनीकों में संयुक्त अनुसंधान और ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
इसके तहत स्लोवाकिया के एक विश्वविद्यालय में “इंडिया चेयर ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” स्थापित करने की घोषणा भी की गई, जिससे दोनों देशों के शिक्षण और शोध संस्थानों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों देशों ने एक आशय पत्र (Letter of Intent) पर भी सहमति जताई। इसके अलावा व्यापार, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई नई पहल शुरू करने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने में स्लोवाकिया के समर्थन की सराहना की और कहा कि इससे दोनों देशों के उद्योगों, उद्यमियों और व्यापारिक समुदाय को व्यापक लाभ मिलेगा।
उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय दर्शन और साहित्य के प्रति स्लोवाकिया में बढ़ती रुचि दोनों देशों की निकटता को दर्शाती है। वहीं स्लोवाकिया में रह रहा भारतीय समुदाय भी आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम योगदान दे रहा है।
इस ऐतिहासिक दौरे के साथ भारत और स्लोवाकिया ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में तकनीक, शिक्षा, रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में उनका सहयोग और अधिक व्यापक तथा मजबूत होगा।