(न्यूज़लाइवनाउ-Bihar) बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड वाले सरकारी आवास को खाली करने के लिए एक बार फिर नोटिस जारी किया गया है। राज्य सरकार ने उन्हें सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार, यह सरकारी बंगला अब मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि आवास का आवंटन नियमों के अनुरूप किया गया है और नए आवंटी को कब्जा दिलाने के लिए वर्तमान निवासी को परिसर खाली करना होगा।
यह पहला अवसर नहीं है जब राबड़ी देवी को नोटिस भेजा गया हो। इससे पहले भी कई बार उन्हें सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। इसी कारण प्रशासन ने दोबारा नोटिस जारी करते हुए इसे अंतिम चेतावनी के रूप में देखा है।
दूसरी ओर, इस मुद्दे ने बिहार की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। राबड़ी देवी पहले सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि वह स्वेच्छा से आवास नहीं छोड़ेंगी और यदि सरकार चाहती है तो उसे कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी। उनके इस रुख के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
इधर, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के परिवार के लिए पटना के 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास को तैयार किए जाने की भी चर्चा है। रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार के कुछ सामान को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, जिससे जल्द शिफ्टिंग की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सात दिन की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार क्या कदम उठाती है और राबड़ी देवी का अगला रुख क्या रहता है। यह विवाद प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ बिहार की सियासत में भी चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।