(न्यूज़लाइवनाउ-India) देश के कई राज्यों में मानसून इस समय बेहद सक्रिय है। भारी बारिश के चलते दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। केरल में मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, वहीं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है।
केरल में तेज बारिश से हालात बिगड़े
केरल के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कुछ क्षेत्रों में बेहद कम समय में भारी मात्रा में पानी बरसा, जिसके बाद निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन खिसकने का खतरा भी बढ़ गया है।
राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में लोगों की जान जाने की भी सूचना है। कई जगहों पर भूस्खलन के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। अधिकारियों की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भूस्खलन ने बढ़ाई परेशानी
लगातार बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ने से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है। रास्तों पर मलबा आने से आवागमन बाधित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केरल के कुछ इलाकों में आठ घंटे के भीतर 30 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। ऐसे में प्रशासन के सामने बाढ़ के साथ-साथ सड़क संपर्क और स्थानीय परिवहन को सुचारु बनाए रखने की चुनौती भी है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में शनिवार सुबह बादल फटने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। अचानक आई तेज बारिश और उसके बाद बने हालात से कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है।
इससे पहले भी क्षेत्र में खराब मौसम के कारण कई स्थानों पर नुकसान की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
अमरनाथ यात्रा पर भी मौसम का असर
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है। प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया है और पंजीकरण केंद्रों को भी स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मानसून की सक्रियता के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने का खतरा अधिक बताया गया है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से संवेदनशील और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी राहत एवं बचाव व्यवस्था को तैयार रखने के साथ मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।