(न्यूज़लाइवनाउ-West Bengal) पश्चिम बंगाल की राजनीति से रविवार सुबह एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बनर्जी का शव उनके घर से सटे टीएमसी कार्यालय में मिला। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
5 बार रामपुरहाट से विधायक रहे
आशीष बनर्जी लंबे समय तक रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। उन्होंने 2001 से 2021 तक पांच विधानसभा चुनावों में इस सीट पर जीत दर्ज की। तृणमूल कांग्रेस के शुरुआती दौर से ही वह पार्टी के साथ जुड़े रहे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती थी।
राजनीति में आने से पहले बनर्जी शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े थे। उन्होंने बर्धमान विश्वविद्यालय से बंगाली विषय में उच्च शिक्षा और डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की थी। इसके बाद वह रामपुरहाट कॉलेज में अध्यापन कार्य से जुड़े और बाद में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
ममता सरकार में संभाली कई अहम जिम्मेदारियां
आशीष बनर्जी ने पश्चिम बंगाल सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह कृषि विभाग समेत अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। इसके अलावा 2021 में उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा का डिप्टी स्पीकर बनाया गया था।
हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में रामपुरहाट सीट से उन्हें भाजपा के ध्रुव साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता पहले की तुलना में कम हो गई थी।
घटनास्थल से चिट्ठी मिलने की भी जानकारी
बनर्जी की मौत के बाद मामले में एक नया पहलू सामने आया है। पुलिस को घटनास्थल से हाथ से लिखी एक चिट्ठी मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों पर अपनी बात रखी थी। हालांकि, जांच एजेंसियां यह भी सत्यापित कर रही हैं कि चिट्ठी वास्तव में उन्हीं की लिखी हुई है और इसे कब लिखा गया था।
पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जांच के आधार पर ही मौत की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर साफ होगी।