अमेरिकी चुनाव में ट्रंप की पार्टी को झटका, तेहरान में मना जश्न; ट्रंप-नेतन्याहू के पोस्टर जलाकर जताया विरोध

अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी शिकस्त का असर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। चुनावी नतीजों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं के साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की तस्वीरों वाले विशाल बैनर को आग के हवाले कर दिया।

तेहरान की सड़कों पर दिखा अमेरिका के खिलाफ आक्रोश

बुधवार (4 नवंबर) को तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर में हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए। यह प्रदर्शन वर्ष 1979 में हुई अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की बरसी के अवसर पर आयोजित रैली का हिस्सा था। इस दौरान सरकार समर्थकों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की तथा दोनों देशों के झंडे जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले और तस्वीरें भी प्रदर्शित कीं। रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी पराजय को प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ अमेरिकी जनता की नाराजगी के रूप में पेश किया।

ईरान युद्ध और महंगाई ने बढ़ाई ट्रंप की मुश्किलें

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के पीछे ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष और देश में बढ़ती महंगाई को भी प्रमुख वजह माना जा रहा है। युद्ध के चलते पेट्रोल की कीमतों में उछाल आया, वहीं खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम अमेरिकी नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा।

डेमोक्रेटिक पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। युद्ध और महंगाई को लेकर मतदाताओं में पनपी नाराजगी का फायदा विपक्ष को मिला। चुनावी नतीजों को ट्रंप की नीतियों के प्रति जनता की असहमति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

हार के बावजूद ईरान पर सैन्य कार्रवाई का बचाव कर रहे ट्रंप

चुनावी नतीजों से झटका लगने के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले को सही ठहराया है। उन्होंने स्वीकार किया कि ईरान युद्ध के कारण अमेरिका में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, लेकिन उनका तर्क है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी था।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि उन्हें दोबारा ऐसा फैसला लेने का अवसर मिलता है, तो वह फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे। इसके अलावा, डेमोक्रेट्स की ओर से महाभियोग की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई विशेष चिंता नहीं है।

जेडी वेंस ने भी हार के लिए ईरान युद्ध को ठहराया जिम्मेदार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी के खराब चुनावी प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान युद्ध और उससे पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों को अहम कारण बताया। उनके मुताबिक, युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई और आम लोगों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ ने मतदाताओं के रुख को प्रभावित किया।

वेंस की टिप्पणी पर ट्रंप ने कहा कि उनकी बात को समझा जा सकता है, लेकिन ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना अमेरिका की प्राथमिकता है। इस प्रकार चुनावी नुकसान के बाद भी ट्रंप प्रशासन अपनी ईरान नीति को उचित बताने में जुटा है।

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